slndigital.in

भाजपा के सामने समीकरण साधने की चुनौती, किसे मिलेगा ताज?:दिग्गज पार्षदों ने खटखटाने शुरू किए शीर्ष नेतृत्व के दरवाजे, पैरवी तेज

1 month ago

निगम चुनाव में भाजपा 80 में से 53 वार्डों में बंपर जीत दर्ज कर चुकी है। अब शहर का प्रथम नागरिक यानी मेयर और डिप्टी मेयर चुनने की कवायद तेज हो गई है। रेस में शामिल सभी विजेता पार्षदों ने शीर्ष नेतृत्व के दरवाजे खटखटाने शुरू कर दिए हैं। इस कुर्सी के लिए प्रमोद सामर, दिनेश भट्ट, पारस सिंघवी, अतुल चंडालिया, महेंद्र सिंह शेखावत, यशवंत आंचलिया, आकाश वागरेचा के बीच कड़ा मुकाबला है। इनमें भी सामर, भट्ट, चंडालिया का पलड़ा सबसे भारी माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी के भीतर सामर को मेयर और भट्ट को डिप्टी मेयर या भट्ट को मेयर व चंडालिया को डिप्टी मेयर बनाने का अंदरूनी मंथन चल रहा है। पार्टी के पास ब्राह्मण, जैन, क्षत्रीय सहित अन्य समाजों के चेहरों को साधने की चुनौती है। पूर्व डिप्टी मेयर पारस सिंघवी बाड़ेबंदी के जरिए संख्या बल जुटा रहे हैं। वहीं प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ के रिश्तेदार पंकज बोराणा भी डिप्टी मेयर पद पर दावेदारी ठोक रहे हैं। कांग्रेस में फिर नेता प्रतिपक्ष की सुगबुगाहट कांग्रेस के खाते में 23 सीटें आई हैं। भाजपा का बोर्ड बनना तय होने के बाद अब कांग्रेस खेमे में नेता प्रतिपक्ष के चेहरे को लेकर सुगबुगाहट बढ़ गई है। कांग्रेस के कई दिग्गज चेहरे जीतकर आए हैं। शहर जिलाध्यक्ष फतेहसिंह राठौड़ की पत्नी पूनम कंवर, पूर्व केंद्रीय मंत्री दिवंगत डॉ. गिरिजा व्यास के भाई की बहू हितांशी शर्मा, अरुण टांक और शंकर चंदेल ने जीत हासिल की है। पार्टी इन बड़े चेहरों में से किसी एक को नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी दे सकती है। पूनम कंवर और हितांशी शर्मा के नाम सबसे आगे चल रहे हैं। हालांकि, साल 2019 के चुनाव में कांग्रेस ने 70 में से 20 सीटें जीती थीं, लेकिन आपसी विवाद के बीच पांच साल तक नेता प्रतिपक्ष तक नहीं बना पाई थी। भाजपा के शहर विधायक ताराचंद जैन और जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़ के अलावा प्रदेश उपाध्यक्ष अलका मूंदड़ा, संघ के पदाधिकारी और कई केंद्रीय मंत्री अपने पसंदीदा नामों की जयपुर से दिल्ली तक पैरवी कर रहे हैं।
Click here to Read More
Previous Article
कांग्रेस को 42 सीटें और भाजपा को 27 सीटें मिली:हिट विकेट हुई भाजपा; तीसरी बार निगम जीतने की हैट्रिक से चूकी
Next Article
अब मिशन मेयर; कोठारी-कर्णावट आगे, दिल्ली तक लॉबिंग:वैश्य समाज से मोहनलाल गुप्ता, निर्मल नाहटा व अशोक परनामी मेयर रह चुके

Related Rajasthan Updates:

Are you sure? You want to delete this comment..! Remove Cancel

Comments (0)

    Leave a comment