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परिचित बनकर 1.30 लाख की ठगी, बिहार से दो आरोपी गिरफ्तार

6 days ago

परिचित बनकर 1.30 लाख की ठगी, बिहार से दो आरोपी गिरफ्तार

डूंगरपुर। साइबर ठगी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत डूंगरपुर साइबर थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 1.30 लाख रुपए की ऑनलाइन ठगी के मामले का खुलासा किया है। पुलिस ने मामले में बिहार के पश्चिमी चम्पारण जिले से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने सोशल मीडिया पर परिचित बनकर पीड़ित को विश्वास में लिया और अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए 1.30 लाख रुपए ट्रांसफर करवा लिए थे। ठगी की रकम को पेट्रोल पंप के QR कोड पर ट्रांसफर करवाने के बाद नकद प्राप्त किया गया था।

पुलिस के अनुसार 17 सितंबर 2026 को साकोदरा निवासी विनोद सिंह के इंस्टाग्राम अकाउंट पर उसके परिचित के नाम से संदेश आया। अज्ञात व्यक्ति ने परिचित बनकर बातचीत की और बाद में व्हाट्सएप के जरिए एजेंट को रुपए देने के नाम पर पीड़ित से अलग-अलग ट्रांजेक्शन में कुल 1 लाख 30 हजार रुपए ट्रांसफर करवा लिए। ठगी का पता चलने के बाद पीड़ित ने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर साइबर थाना डूंगरपुर में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खीव सिंह के निर्देशन तथा साइबर थाना पुलिस उपाधीक्षक हंसाराम चौधरी के निकट पर्यवेक्षण में पुलिस निरीक्षक मुकेश कुमार के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने बैंक ट्रांजेक्शन और साइबर पोर्टल पर उपलब्ध वित्तीय ट्रेल का तकनीकी विश्लेषण किया। जांच में ठगी की रकम का संबंध बिहार के पश्चिमी चम्पारण क्षेत्र स्थित एक पेट्रोल पंप के बैंक खाते से सामने आया।

इसके बाद साइबर थाना पुलिस टीम बिहार पहुंची और पेट्रोल पंप के बैंक रिकॉर्ड, संबंधित लोगों के बयान तथा सीसीटीवी फुटेज की जांच की। अनुसंधान में सामने आया कि आरोपी हरिओम कुमार चौबे ने पेट्रोल पंप का QR कोड उपलब्ध करवाया था। ठगी की रकम उस QR कोड पर ट्रांसफर करवाने के बाद पेट्रोल पंप से उसके बदले नकद राशि प्राप्त की गई। आगे की जांच में सुमन कुमार पटेल की भूमिका भी सामने आई।

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी कमीशन के लालच में बैंक खातों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों के QR कोड का इस्तेमाल ऑनलाइन प्राप्त ठगी की रकम को नकद में बदलने के लिए करते थे। इसके बाद नकद राशि को बताए गए अन्य बैंक खातों में जमा करवाया जाता था। पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से साइबर ठगी में प्रयुक्त तीन मोबाइल फोन जब्त किए हैं। मामले में डिजिटल और वित्तीय साक्ष्यों का विश्लेषण अभी जारी है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हरिओम कुमार चौबे, उम्र 30 वर्ष, निवासी विश्रामपुर, थाना योगापट्टी, जिला पश्चिम चम्पारण, बिहार तथा सुमन कुमार पटेल, उम्र 23 वर्ष, निवासी धर्मपुर, थाना मुफस्सिल, जिला पश्चिम चम्पारण, बिहार के रूप में हुई है।

पुलिस के अनुसार साइबर अपराधियों द्वारा सोशल मीडिया पर परिचित व्यक्ति की पहचान का दुरुपयोग कर लोगों को विश्वास में लिया जाता था। इसके बाद रकम सीधे अपने खाते में लेने के बजाय दूसरे लोगों या व्यापारिक प्रतिष्ठानों के बैंक खातों और QR कोड पर ट्रांसफर करवाकर नकद प्राप्त की जाती थी और इसमें शामिल लोगों को कमीशन दिया जाता था।

डूंगरपुर पुलिस ने आमजन से अपील की है कि सोशल मीडिया या व्हाट्सएप पर किसी परिचित द्वारा रुपए की मांग किए जाने पर केवल मैसेज के आधार पर रकम ट्रांसफर न करें। संबंधित व्यक्ति से उसके पहले से ज्ञात मोबाइल नंबर पर कॉल कर पुष्टि जरूर करें। किसी भी प्रकार की साइबर वित्तीय ठगी होने पर तत्काल 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराएं।