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बीजेपी के नए चेहरों ने कांग्रेस के धुरंधरों को हराया:सूरत और अहमदाबाद से आए प्रवासियों ने पलटा जैसलमेर का चुनावी खेल

1 month ago

जैसलमेर नगर परिषद चुनाव में भाजपा ने 45 में से 25 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया, लेकिन शहर की दो हॉट सीटों वार्ड 32 और 33 के नतीजों ने सबसे ज्यादा चौंकाया। सूरत और अहमदाबाद से आए प्रवासी मतदाताओं ने भी चुनावी खेल पलटने में अहम भूमिका निभाई। वार्ड 32 और 33 में कांग्रेस के पूर्व पार्षद और सभापति पद के प्रबल दावेदार प्रवीण सुदा व निर्मल पुरोहित (रैयानी) को भाजपा के पहली बार चुनाव लड़ रहे विजय डांगरा और मुकेश नागौरी ने हरा दिया। वार्ड 32 में दोनों प्रत्याशियों के समर्थन में सूरत, अहमदाबाद और चेन्नई से करीब 200 प्रवासी वोट डालने जैसलमेर पहुंचे थे। इन नतीजों से कांग्रेस के सभापति चुनाव के समीकरण बिगड़ गए हैं, जबकि भाजपा के बहुमत के बीच अब 21 सितंबर को होने वाले सभापति चुनाव पर नजरें टिक गई हैं। वार्ड 32: 200 से ज्यादा प्रवासी मतदाता वोट डालने पहुंचे वार्ड 32 में कांग्रेस के पूर्व पार्षद प्रवीण सुदा और भाजपा के विजय डांगरा आमने-सामने थे। माहेश्वरी समाज के इन दोनों प्रत्याशियों के समर्थन में सूरत, अहमदाबाद और चेन्नई जैसे बड़े शहरों से करीब 200 लोग हवाई जहाज, ट्रेन और बसों से विशेष रूप से जैसलमेर वोट डालने पहुंचे थे। इस वजह से शहरभर की निगाहें इस सीट पर टिकी थीं। प्रवीण सुदा को सभापति पद का शीर्ष दावेदार माना जा रहा था। हालांकि, जैसलमेर विधायक छोटू सिंह भाटी की गहरी रुचि और उनके प्रमोट किए जा रहे प्रत्याशी विजय डांगरा ने मुकाबले का रुख बदल दिया। विजय डांगरा ने 200 से अधिक मतों के भारी अंतर से जीत दर्ज की। इस जीत को वार्ड 32 के हाई-प्रोफाइल मुकाबले में निर्णायक माना जा रहा है। वार्ड 33: अनुभवी पूर्व पार्षद को पहली बार मैदान में उतरे मुकेश नागौरी ने हराया वार्ड 33 में कांग्रेस के पुराने धुरंधर और पूर्व पार्षद निर्मल पुरोहित (रैयानी) का मुकाबला भाजपा के मुकेश नागौरी से था। मुकेश नागौरी पहली बार चुनावी मैदान में उतरे थे। कांग्रेस के स्थापित और अनुभवी नेता निर्मल पुरोहित को हराकर उन्होंने भाजपा के लिए बड़ी जीत दर्ज की। निर्मल पुरोहित भी कांग्रेस की ओर से सभापति पद के प्रबल दावेदार माने जा रहे थे। वार्ड 32 और 33 दोनों वीवीआईपी सीटों पर कांग्रेस की हार से पार्टी के सभापति चुनाव के समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं। अब वार्ड 20 से चुनाव जीतने वाले कांग्रेस के पूर्व सभापति अशोक तंवर सभापति पद की रेस में आगे आ सकते हैं। चारों प्रमुख प्रत्याशी करोड़पति जैसलमेर नगर परिषद चुनाव के इन प्रमुख मुकाबलों में प्रत्याशियों की आर्थिक स्थिति भी चर्चा का विषय रही। वार्ड 32 और 33 के भाजपा-कांग्रेस प्रत्याशी आर्थिक रूप से संपन्न हैं और चारों करोड़पति श्रेणी से ताल्लुक रखते हैं। नामांकन पत्रों और हलफनामों में दर्ज जानकारी के अनुसार, उनकी कुल संपत्ति करोड़ों रुपए में है। इस वजह से इन दोनों वार्डों के मुकाबले हाई-प्रोफाइल और सबसे अमीर प्रत्याशियों के बीच की टक्कर के रूप में भी चर्चा में रहे। 45 वार्डों में भाजपा को पूर्ण बहुमत जैसलमेर नगर परिषद के सभी 45 वार्डों के नतीजों में भाजपा ने 25 सीटें जीतकर पूर्ण बहुमत हासिल किया है। कांग्रेस को 16 वार्डों में जीत मिली, जबकि 4 वार्डों में निर्दलीय उम्मीदवार विजयी रहे। बहुमत मिलने के बाद भाजपा खेमे में उत्साह है और कार्यकर्ता जश्न मना रहे हैं। अब राजनीतिक सरगर्मी 21 सितंबर को होने वाले सभापति चुनाव पर टिकी है, जहां भाजपा अपने बहुमत को सत्ता में बदलने की तैयारी में है।
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