slndigital.in

फ्री बीज बांटने में घोटाला, सप्लाई से पहले बुवाई दिखाई:फर्म के लिए नियम बदले, फिर 14.5 करोड़ के बीज खरीदे, 2 माह बाद पुरानी शर्तें लागू

1 week ago

निशुल्क बीज वितरण में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार हो रहा है। पड़ताल में सामने आया कि प्रदेश में बिना जरूरत 14.5 करोड़ का ढैंचा बीज (जमीन की उर्वरक क्षमता बढ़ाने वाली घास का बीज) खरीद कर किसानों को बांट दिया। बीज निगम के अफसरों ने आंध्र की चक्रा सीड्स को फायदा पहुंचाने के लिए खरीद के नियम व शर्तें बदल दीं। फिर बीज खरीद लिया। फर्जीवाड़ा छुपाने को दो महीने बाद दूसरे टेंडर से पहले पुरानी शर्तें लागू कर दीं। बीज निगम ने 30 हजार क्विंटल बीज के लिए 3 मई 2025 को टेंडर निकाला था। 6 मई को टेंडर की 3 शर्तों में बदलाव करते हुए बीज उत्पादक किसानों की सूची व भुगतान के लिए ब्रीडर सर्टिफिकेट जैसी शर्तें हटा दीं। टेंडर में सिर्फ चक्रा सीड्स ने ही हिस्सा लिया। एकल फर्म पर टेंडर रद्द करने की बजाय अफसरों ने 14.50 करोड़ में 10 हजार क्विंटल बीज खरीद लिए। हद तो यह कि कई जगह बीज सप्लाई से पहले ही बुवाई दिखा दी। सप्लाई के एक महीने बाद बिल बनाए गए। मैने अभी जॉइन किया है। इस विषय में बता नहीं सकता। आप फैक्ट भेज दीजिए। हम जांच करवा लेंगे। -गौरव चतुर्वेदी, एमडी, बीज निगम भास्कर ने चक्रा सीड्स का पक्ष जानने के लिए दो बार ईमेल किया। मैनेजमेंट ने दोनों ई-मेल का जवाब नहीं दिया। एक्सप्लेनर : किसानों की सूची व भुगतान की शर्तों में ढील दी निविदा की अमानत राशि में भी दे दी थी छूट पुरानी शर्त में टेंडर की कुल मात्रा 30,000 क्विंटल थी, जिसके लिए बोली दाताओं को 2% यानी 75 लाख रुपए जमा करवाने थे। नई शर्त में इसे बदलकर बोलीदाता द्वारा ऑफर की गई मात्रा की कीमत का 2% लागू कर दिया। यानी 6 हजार क्विंटल ऑफर करने वाली फर्म को कम सिक्योरिटी राशि जमा करवानी पड़े। इससे छोटी कंपनियों के लिए रास्ता खुल गया। एक्सपर्ट : शर्तें बदलने से पारदर्शिता पर सवाल रिटायर्ड अकाउंट्स ऑफिसर कानाराम का कहना है सरकारी खरीद नियम शर्तों के मुताबिक होती है। एक ही तरह का बीज खरीदने के लिए अलग-अलग टेंडर में नियम शर्तों में समान नियम लागू होने चाहिए। दो महीने में हुए दो टेंडर में अलग-अलग शर्तें पारदर्शिता पर सवाल उठाती है। सप्लाई से पहले रजिस्टर में एंट्री व बुवाई दिखाई निगम ने डीडवाना-कुचामन के लिए 30 जुलाई 2025 को सप्लाई इनवॉइस संख्या NGR25-26MKT0033 के जरिए 263 क्विंटल बीज भेजा। रिकॉर्ड में बीज पहुंचने से पहले ही 15 से 21 जुलाई के बीच ढैंचा बीज का वितरण और बुवाई करना बताया। यह पूरा मामला बजट घोषणा का था। कोई फर्म नहीं आ रही थी। इसलिए नियमानुसार ही कुछ छूट दी गई थी। यह सब कमेटी स्तर से तय हुआ था। -मुकेश शर्मा, तत्कालीन विपणन प्रबंधक, राजस्थान बीज निगम
Click here to Read More
Previous Article
उदयपुर-मैच में चीटिंग से हारी 25 साल की चैम्पियन टीम:महिला खिलाड़ियों ने फाउल और आउट के फैसलों पर उठाए सवाल, आरोप-रेफरी ने गलत फैसले दिए
Next Article
बिजनेसमैन बनने के लिए 100 करोड़ ठगे:ठगी की रकम से खरीदी मर्सिडीज-बाइक जब्त, 1 करोड़ की एफडी फ्रीज; 2 आरोपी गिरफ्तार

Related Rajasthan Updates:

Are you sure? You want to delete this comment..! Remove Cancel

Comments (0)

    Leave a comment