slndigital.in

जयपुर में सैनी समाज ने किया निकाय चुनाव का बहिष्कार:सिविल लाइंस-किशनपोल विधानसभा में 45 हजार मतदाता नहीं डालेंगे वोट

1 month ago

जयपुर नगर निगम चुनाव से पहले माली-सैनी समाज ने बीजेपी और कांग्रेस दोनों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। समाज ने राजनीतिक प्रतिनिधित्व की कथित अनदेखी के विरोध में सिविल लाइंस और किशनपोल विधानसभा क्षेत्रों में मतदान बहिष्कार का ऐलान किया है। समाज का दावा है कि इन दोनों विधानसभा क्षेत्रों में करीब 45 हजार सैनी(माली) समाज के मतदाता हैं, जो चुनाव में वोट नहीं डालेंगे। माली समाज के मतदाताओं की इतनी संख्या होते हुए भी इस बार नगर निगम चुनाव में बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही दलों समाज के एक भी व्यक्ति को टिकट नहीं दिया है। इससे नाराज समाज ने अब चुनाव से दूरी बनाने और मतदान बहिष्कार का अभियान चलाने का फैसला किया है। बहिष्कार के ऐलान से निकाय चुनाव के समीकरण पर असर पड़ने की संभावना है। समाज की ओर से यह भी अपील की गई है कि अगर कोई मतदाता मतदान करना चाहता है तो वह किसी प्रत्याशी या राजनीतिक दल के पक्ष में वोट देने के बजाय NOTA का विकल्प चुनकर विरोध दर्ज कराए। 2020 में 5 टिकट, इस बार खाता भी नहीं खुला माली-सैनी समाज के प्रतिनिधियों ने बताया कि 2020 के नगर निगम चुनाव में सिविल लाइंस विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस ने समाज को चार टिकट दिए थे, जबकि बीजेपी ने एक टिकट दिया था। यानी दोनों प्रमुख दलों ने कुल 5 उम्मीदवार माली-सैनी समाज से उतारे थे। लेकिन इस बार हालात पूरी तरह बदल गए। समाज का आरोप है कि इतने बड़े वोट बैंक के बावजूद बीजेपी और कांग्रेस, दोनों ने एक भी टिकट नहीं दिया। यही बात अब समाज के गुस्से की सबसे बड़ी वजह बन गई है। समाज के नेताओं का कहना है कि पिछले चुनाव में जिस समाज को पांच टिकट मिले, उसे इस बार पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया। ऐसे में राजनीतिक भागीदारी और प्रतिनिधित्व को लेकर समाज में नाराजगी बढ़ गई है। सिविल लाइंस में 30 हजार, किशनपोल में 15 हजार वोटर्स का दावा बैठक में मौजूद समाज के प्रतिनिधियों के अनुसार, सिविल लाइंस विधानसभा क्षेत्र में माली-सैनी समाज के करीब 30 हजार मतदाता हैं। वहीं किशनपोल विधानसभा क्षेत्र में करीब 15 हजार मतदाता बताए गए हैं। इस तरह दोनों विधानसभा क्षेत्रों में समाज के करीब 45 हजार वोट होने का दावा किया गया है। नगर निगम चुनाव में कई वार्डों में जीत-हार का अंतर काफी कम रहने की स्थिति में इतने बड़े वोट बैंक की नाराजगी बीजेपी और कांग्रेस, दोनों के लिए चुनावी गणित बिगाड़ सकती है। दरअसल, मतदान बहिष्कार का फैसला स्वेज फार्म, सोडाला स्थित होटल अक्षरधाम में हुई माली-सैनी समाज की संयुक्त बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ समाजसेवी अशोक कुमार पुष्प ने की। इसमें सिविल लाइंस और किशनपोल विधानसभा क्षेत्रों के समाज के वरिष्ठजन, समाजसेवी, भामाशाह और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए। बैठक को जयपुर जिला माली-सैनी समाज संस्था और राजस्थान प्रदेश सैनी-माली महासभा का भी समर्थन मिलने का दावा किया गया है। बैठक में राजनीतिक प्रतिनिधित्व नहीं मिलने पर नाराजगी जताई गई और विस्तृत चर्चा के बाद सिविल लाइंस और किशनपोल विधानसभा क्षेत्रों में मतदान बहिष्कार का फैसला किया गया। 200 और गली-मोहल्लों में लगाएंगे होर्डिंग-बैनर लगाए माली-सैनी समाज के प्रतिनिधियों के अनुसार, दोनों विधानसभा क्षेत्रों में मतदान बहिष्कार के संदेश वाले करीब 50 होर्डिंग और बैनर लगाए जा चुके हैं। इसके अलावा गली-मोहल्लों में करीब 200 और होर्डिंग-बैनर लगाने की तैयारी है। ऐसे में चुनाव प्रचार के बीच अब सिविल लाइंस और किशनपोल के कई इलाकों में प्रतिनिधित्व नहीं तो वोट नहीं का संदेश दिखाई दे सकता है। हर वार्ड में 10-10 कार्यकर्ताओं की टोली, घर-घर पहुंचेंगे समाज ने मतदान बहिष्कार के संदेश को हर मतदाता तक पहुंचाने के लिए वार्ड स्तर पर भी रणनीति बनाई है। जिसके तहत वार्ड में 10-10 युवा कार्यकर्ताओं की टोली बनाई जाएगी। ये कार्यकर्ता घर-घर और गली-मोहल्लों में जनसंपर्क कर समाज के लोगों से मतदान बहिष्कार की अपील करेंगे। समाज के पदाधिकारियों का कहना है कि राजनीतिक दलों को यह संदेश दिया जाएगा कि बड़ी संख्या में वोट होने के बावजूद किसी समाज की राजनीतिक हिस्सेदारी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
Click here to Read More
Previous Article
बासंवाड़ा में सुबह 4 बजे बाइक चुरा ले गए बदमाश:मुंह पर रुमाल बांधकर घुसे, मिनटों में लेकर फरार हुए, CCTV फुटेज से तलाश शुरू
Next Article
लूटेरी दुल्हन, दलाल समेत 3 आरोपी गिरफ्तार:युवक से शादी के नाम पर 1.91 लाख की ठगी, कोर्ट ले जाते समय दुल्हन को भगाया

Related Rajasthan Updates:

Are you sure? You want to delete this comment..! Remove Cancel

Comments (0)

    Leave a comment