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मोतीडूंगरी गणेश जी का 348 किलो पंचामृत से होगा अभिषेक:3 हजार किलो घी से बनेंगे मोदक; फल-सब्जी-फूलों की सजेंगी झांकियां, कल से शुरू होगा उत्सव

1 month ago

जयपुर के मोतीडूंगरी गणेश मंदिर में गणेश चतुर्थी उत्सव 9 दिन चलेंगे। इसकी शुरुआत 7 सितंबर से होगी। नौ दिन चलने वाले उत्सव में भगवान गणेशजी के दरबार का रोज अलग स्वरूप नजर आएगा। 14 सितंबर को भगवान गजानन का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। वहीं 15 सितंबर को गणेशजी नगर भ्रमण पर निकलेंगे। उत्सव में भव्य झांकियाें के साथ संगीत, कथक, ध्रुपद कार्यक्रम भी होंगे। मंदिर के महंत कैलाश शर्मा ने बताया- 7 सितंबर को कलश यात्रा और जलाभिषेक के साथ उत्सव की शुरुआत होगी। 8 सितंबर को पुष्य नक्षत्र पर 348 किलो पंचामृत से गणेशजी का अभिषेक किया जाएगा। इसके बाद मोदक, फल, सब्जी, फूल और मेहंदी की रोज अलग-अलग विशेष झांकियां सजेंगी। 14 सितंबर को चांदी के सिंहासन पर विराजित गणेशजी महाराज स्वर्ण मुकुट और नौलखा हार के विशेष श्रृंगार में भक्तों को दर्शन देंगे। 7 सितंबर को कलश यात्रा से शुरुआत उत्सव का शुभारंभ 7 सितंबर को सुबह 9 बजे कलश यात्रा और जलाभिषेक के साथ होगा। मंदिर में भगवान गणेशजी के लिए रोज अलग-अलग भोग और झांकी सजाई जाएगी। भक्तों को इस दौरान अलग-अलग स्वरूपों में गणेशजी के दर्शन होंगे। 8 सितंबर को 348 किलो पंचामृत से होगा अभिषेक मोतीडूंगरी गणेश मंदिर में 8 सितंबर को पुष्य नक्षत्र पर भगवान गणेशजी का 348 किलो पंचामृत से अभिषेक किया जाएगा। इसमें 251 किलो दूध, 50 किलो दही, 25 किलो बूरा, 11 किलो शहद और 11 किलो घी शामिल होगा। इसी दिन केले की विशेष झांकी और भगवान के छप्पन भोग की झांकी सजाई जाएगी। शाम 6 बजे ध्रुपद गायन की प्रस्तुति होगी। 9 सितंबर को हजारों मोदकों की सजेगी झांकी 9 सितंबर को मंदिर में मोदकों की झांकी सजाई जाएगी। इसमें 251-251 किलो के दो विशाल मोदक, 51-51 किलो के पांच और 21-21 किलो के 21 मोदक शामिल होंगे। इसके अलावा 1.25 किलो के 1100 मोदक और हजारों छोटे मोदक भी सजाए जाएंगे। इन्हें बनाने में करीब 3 हजार किलो घी, 3 हजार किलो बेसन, 9 हजार किलो शक्कर और 1000 किलो सूखे मेवों का इस्तेमाल होगा। भक्त सुबह 5 बजे से मोदक झांकी के दर्शन कर सकेंगे। इस दिन मंदिर में बाहर से लाया गया प्रसाद नहीं चढ़ाया जाएगा। भगवान को 21, 108 और 1008 मोदक अर्पित किए जाएंगे। शाम 6 बजे सुगम संगीत और कथक की प्रस्तुति होगी, जबकि शाम 7 बजे निशुल्क प्रसाद वितरण किया जाएगा। 10 से 12 सितंबर तक फल, सब्जी और फूलों की झांकी मंदिर में 10 सितंबर को फलों, 11 सितंबर को सब्जियों और 12 सितंबर को फूलों की विशेष झांकी सजाई जाएगी। इन झांकियों के जरिए प्रकृति और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। तीनों दिन शाम 6 बजे कथक की प्रस्तुति होगी। वहीं 8 से 12 सितंबर तक ध्रुपद, सुगम संगीत और कथक कलाकार गणेशजी को अपनी कला समर्पित करेंगे। 13 सितंबर को 3500 किलो मेहंदी से होगा सिंजारा 13 सितंबर को मोतीडूंगरी गणेशजी का मेहंदी पूजन और सिंजारा होगा। सोजत की करीब 3500 किलो मेहंदी गणेशजी को धारण कराई जाएगी। पूजा के बाद रात 7:30 बजे पांच स्थानों से मेहंदी प्रसाद बांटी जाएगी। महिलाओं और कन्याओं के लिए मेहंदी की अलग व्यवस्था की जाएगी। इसी दिन गणेशजी का साल में केवल गणेश चतुर्थी पर धारण कराया जाने वाला स्वर्ण मुकुट पहनाया जाएगा। चांदी के सिंहासन पर विराजित गणेशजी विशेष पोशाक और नौलखा हार में नजर आएंगे। मोती, सोना, पन्ना और माणक से सजे इस हार को महंत परिवार ने करीब तीन महीने में तैयार कराया है। 14 सितंबर को जन्मोत्सव, 19 घंटे होंगे दर्शन गणेश चतुर्थी के दिन 14 सितंबर को भगवान गजानन का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। इस दिन सुबह 5 बजे मंगला आरती से रात 11:40 बजे शयन आरती तक दर्शन होंगे। विशेष पूजन सुबह 11:20 बजे, श्रृंगार आरती 11:30 बजे, भोग आरती दोपहर 2:15 बजे और संध्या आरती शाम 7 बजे होगी। भोग के दौरान दोपहर 1:30 से 2 बजे तक मंदिर के पट मंगल रहेंगे। 15 सितंबर को नगर भ्रमण पर निकलेंगे गणेशजी नौ दिवसीय उत्सव का समापन 15 सितंबर को गणेशजी के नगर भ्रमण के साथ होगा। गणेशजी महाराज शाम को मोतीडूंगरी मंदिर से रवाना होकर एमडी रोड, जौहरी बाजार, त्रिपोलिया बाजार, गणगौरी बाजार और नाहरगढ़ रोड होते हुए गढ़ गणेश मंदिर पहुंचेंगे। नगर भ्रमण के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। जन्मोत्सव पर आरती का ये रहेगा समय 14 सितंबर को मंगला आरती सुबह 5 बजे, श्रृंगार आरती सुबह 11:30 बजे, भोग आरती दोपहर 2:15 बजे और संध्या आरती शाम 7 बजे होगी। शयन आरती रात 11:40 बजे होगी। भोग के दौरान दोपहर 1:30 से 2 बजे तक दर्शन बंद रहेंगे। इसके बाद भक्त फिर दर्शन कर सकेंगे। 72 कैमरों से होगी निगरानी, 14 मेटल डिटेक्टर और 500 स्वयंसेवक श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए मंदिर प्रबंधन ने इंतजाम किए हैं। मंदिर परिसर में मैटल डिटेक्टर 6 डीएफएमडी और 6 एचएसएमडी लगाए जाएंगे। 72 नए क्लोज सर्किट कैमरों से पूरे परिसर की निगरानी होगी और 30 दिनों की रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखी जाएगी। दर्शन के लिए मंदिर में प्रवेश की 6 लाइनें और वापसी की 8 लाइनें रहेंगी, जबकि एक लाइन पास के जरिए प्रवेश के लिए होगी। एमडी रोड, जेएलएन मार्ग और तख्तेशाही रोड से होगी एंट्री गणेश चतुर्थी के दिन श्रद्धालुओं के लिए एमडी रोड, जेएलएन मार्ग और तख्तेशाही रोड से मंदिर की ओर प्रवेश की व्यवस्था रहेगी। निःशक्तजनों और बुजुर्गों के लिए राउंड द क्लॉक 100 ई-रिक्शा चलाए जाएंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 4 इलेक्ट्रिक लो-फ्लोर बसें भी उपलब्ध रहेंगी। व्यवस्था संभालने के लिए करीब 500 स्वयंसेवक तैनात किए जाएंगे। मंदिर के आसपास रहेगी बैरिकेडिंग व्यवस्था और सुरक्षा को देखते हुए जेडीए सर्किल से मंदिर तक और एमडी रोड पर भैरव पथ से बैरिकेडिंग की जाएगी। इसके अलावा रिजर्व बैंक से मंदिर तक भी बैरिकेडिंग की व्यवस्था रहेगी। मंदिर प्रबंधन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि दर्शन के दौरान अपने साथ कैमरा और अनावश्यक सामान लेकर नहीं आएं, ताकि प्रवेश और सुरक्षा जांच में परेशानी न हो। गणेशजी के नगर भ्रमण के दौरान ट्रैफिक डायवर्ट रहेगा 15 सितंबर को गणेशजी के नगर भ्रमण के दौरान जुलूस के मार्ग पर ट्रैफिक डायवर्ट किया जाएगा। मोतीडूंगरी मंदिर से एमडी रोड, जौहरी बाजार, त्रिपोलिया बाजार, गणगौरी बाजार और नाहरगढ़ रोड की ओर जाने वाले वाहनों को जरूरत के अनुसार वैकल्पिक मार्गों पर भेजा जाएगा। शोभायात्रा के आगे बढ़ने के साथ संबंधित मार्गों पर यातायात सामान्य किया जाएगा।
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