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पंचायतीराज चुनाव का आज होगा ऐलान, घोषणाओं-ट्रांसफर पर लगेगी रोक:जयपुर में सबसे ज्यादा और जैसलमेर में सबसे कम वोटर; महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण

1 week ago

प्रदेश में पंचायतीराज चुनावों की घोषणा आज 3 बजे होगी। राज्य निर्वाचन आयोग ने दोपहर 3 बजे पंचायतीराज चुनावों के कार्यक्रम की घोषणा के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई है। सरपंच और वार्ड पंचों के चुनाव बैलेट से होंगे। पंचायत समिति मेंबर और जिला परिषद मेंबर के चुनाव ईवीएम से होंगे। महिलाओं को 50 फीसदी आरक्षण है। पंचायतीराज चुनाव में प्रदेश के 4.03 करोड़ ग्रामीण वोटर वोट डालेंगे, इनमें से 2.08 करोड़ पुरुष और 1.94 करोड़ महिला वोटर और 167 ट्रांसजेंडर वोटर हैं। प्रदेश में 51.82% पुरुष और 48.18% महिला वोटर हैं। 41 जिलों में जयपुर में सबसे ज्यादा 18.99 लाख वोटर और जैसलमेर में सबसे कम वोटर 4.36 हैं। ग्रामीण इलाकों में उद्घाटन,शिलान्यास नहीं होंगे आयोग के चुनाव कार्यक्रमों की घोषणा के साथ ही ग्रामीण इलाकों में आचार संहिता लग जाएगी। तबादलों पर पाबंदी लग जाएगी। मंत्री अब अपने इलाकों में सरकारी गाड़ी से नहीं जा सकेंगे और सरकारी गेस्ट हाउस व डाक बंगलों में नहीं ठहर सकेंगे। सरकार नई योजनाओं और कार्यक्रमों की घोषणा नहीं कर सकेगी। पहले से चल रहे काम जारी रह सकेंगे, जिन टेंडरों का काम पहले से प्रक्रिया में है, उन पर रोक नहीं होगी। आचार संहिता में ऐसी कोई सरकारी घोषणा नहीं हो सकती जिससे वोटर प्रभावित हो। 1.69 लाख नए पंचायतीराज जनप्रतिनधि चुने जाएंगे इन चुनावों में 1.69 लाख नए पंचायतीराज जनप्रतिनधि चुने जाएंगे। 1403 जिला परिषद मेंबर और 8245 पंचायत समिति मेंबर के चुनाव ईवीएम से होंगे। 14403 ग्राम पंचायतों में सरपंच-उपसरपंच और 1.30 लाख वार्ड पंचों के चुनाव बैलेट के जरिए होने हैं। पंचायत समिति मेंबर मिलकर 457 पंचायत समितियों में प्रधानों का चुनाव करेंगे। 80 हजार से ज्यादा महिलाएं पंचायतीराज जनप्रतिनिधि बनेंगी पंचायतीराज चुनावों में महिलाओं को 50 फीसदी आरक्षण है। 1.69 लाख में से आधी महिलाएं चुनकर आएंगी। 14403 ग्राम पंचायतों में 7200 महिला सरपंच, 7200 म​हिला उपसरपंच और 65 हजार महिला वार्ड पंच बनेंगी। सरपंचों में एसटी के 3058, एससी के 2493 और ओबीसी के लिए 1961 पद आरक्षित ​है। वार्ड पंचों के 1.30 लाख पदों में से 21,962 वार्ड एससी, 19117 एसटी और 15 हजार वार्ड ओबीसी के लिए आरक्षित हैं। पंचायतीराज चुनाव सरकार और विपक्ष दोनों के लिए सियासी चुनौती पंचायतीराज चुनाव का रिजल्ट सरकार और विपक्ष दोनों के लिए सियायी चुनौती है। सत्ताधारी बीजेपी के सामने कांग्रेस से ज्यादा वार्ड जीतने की चुनौती रहेगी। निकाय चुनाव की तरह ही बीजेपी के सामने पंचायत समितियों और जिला परिषदों में ज्यादा वार्ड जीतने ​की चुनौती है। गांवों में आमतौर पर कांग्रेस आगे रहती आई है, इसलिए इसे चुनौती माना जा रहा है। सत्ताधरी बीजेपी ने इस बार विधानसभा चुनावों की तर्ज पर माइक्रो मैनेजमेंट से रणनीति बनाई है, उस रणनीति की असली परीक्षा पंचायतीराज चुनावों से होगी। प्रधान, प्रमुखों में जोड़तोड़ चलेगी लेकिन असली पर्सेप्शन वार्डों की जीत से बनेगा जिला परिषदों और पंचायत समितियों में कौन ज्यादा वार्ड जीतता है, उससे असली पर्सेप्शन बनेगा। जिला परिषद मेंबर मिलकर जिला प्रमुख और पंचायत समिति मेंबर मिलकर प्रधान का चुनाव करते हैं। निकाय की तरह पंचायतीराज चुनावों में भी दलबदल विरोधी कानून लागू नहीं होता इसलिए प्रधान और जिला प्रमुख बनाने में खूब सियासी जोड़तोड़ चलता है। जिस पार्टी के जितने ज्यादा जिला परिषद मेंबर, पंचायत समिति मेंबर जीतेंगे उससे ही जनमत का रुझान तय हो जाएगा। 41 जिलों में जिला परिषद मेंबर, पंचायत समिति मेंबर और वोटर्स का गणित ….. चुनाव से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… राजस्थान में 221 महिलाएं बनेंगी प्रधान:जयपुर-जोधपुर में सबसे ज्यादा, 4 जिलों में केवल एसटी कैटेगरी से होगा प्रधान; देखें- 41 जिलों की लिस्ट राजस्थान में बुधवार को पंचायतराज चुनावों के लिए 457 प्रधानों की लॉटरी निकाली गई। प्रदेश में 221 महिलाएं प्रधान बनेंगी। जयपुर की 22 पंचायत समितियों में केवल 4 सीट अनारक्षित है। पूरी खबर पढ़िए…
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