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SMS हॉस्पिटल में प्राइवेट हेल्थ इंश्योरेंस से भी होगा इलाज:प्राइवेट अस्पतालों की तर्ज पर तय होंगे पैकेज, IPD टावर के शुरू होने से पहले बड़ा कदम

1 month ago

प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल SMS में अब प्राइवेट हेल्थ इंश्योरेंस वाले मरीज भी इलाज करा सकेंगे। महंगे प्राइवेट अस्पतालों की तर्ज पर इंश्योरेंस वाले मरीजों के इलाज के लिए पैकेज तय होंगे। इससे होने वाली कमाई से 24 मंजिला निर्माणाधीन IPD टावर में सुविधाओं के विस्तार में खर्च होगी। SMS प्रशासन के अनुसार राज्य सरकार ने निजी स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी के तहत इलाज की अनुमति दे दी है। कई बीमा कंपनियों से बातचीत शुरू कर दी है। यह मॉडल क्या है और कैसे काम करेगा? किस तरह के पैकेज होंगे? क्या IPD टावर में केवल प्राइवेट मेडिकल इंश्योरेंस वाले मरीजों को ही तवज्जो मिलेगी? मंडे स्पेशल स्टोरी में पढ़िए ऐसे सवालों के जवाब… निजी हेल्थ इंश्योरेंस को सरकार की मंजूरी SMS मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. दीपक माहेश्वरी ने बताया- अस्पताल में ऐसे मरीज भी आते हैं, जिनके पास निजी हेल्थ इंश्योरेंस है। लेकिन वे मौजूदा व्यवस्था के अनुसार सरकारी योजना के तहत मुफ्त इलाज करवा पाते हैं। इससे न तो उनकी पॉलिसी का कोई उपयोग हो पाता है और न ही अस्पताल को निजी बीमा का भुगतान मिल पाता। ऐसे मरीजों के इलाज के लिए यह नया मॉडल लाया जा रहा है। निजी बीमा वाले मरीजों के लिए आईपीडी और कार्डियक टावर जैसी सुविधाओं के अनुरूप अलग व्यवस्था विकसित की जाएगी। अब इस मॉडल से जुड़े कुछ सवालों के जवाब… सवाल : यह मॉडल क्या है और कैसे काम करेगा? जवाब : अब निजी हेल्थ इंश्योरेंस वाले मरीज भी अपनी पॉलिसी के कवरेज के अनुसार एसएमएस हॉस्पिटल में इलाज करा सकेंगे। इसके लिए बीमा कंपनियों से रेट और पैकेज तय किए जाएंगे। मरीज के भर्ती होने से डिस्चार्ज तक बीमा से जुड़े काम के लिए इंश्योरेंस हेल्प डेस्क या टीपीए डेस्क होगा। इलाज का भुगतान संबंधित बीमा कंपनी अस्पताल को करेगी। सवाल : किस तरह के पैकेज होंगे? जवाब : प्राइवेट मल्टीस्पेशलिटी अस्पतालों की तर्ज पर अलग-अलग बीमारियों और सर्जरी के पैकेज तय होंगे। इनमें डॉक्टर की फीस, जांच, सर्जरी, वार्ड, कॉटेज और डीलक्स रूम का शुल्क शामिल होगा। आईपीडी परामर्श के लिए जनरल फिजिशियन, स्पेशलिस्ट और सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की फीस भी निर्धारित की जाएगी। पैकेज की दरें सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (सीजीएचएस) की तर्ज पर तय करने और प्राइवेट हॉस्पिटल्स की तुलना में लागत कम रखने की कोशिश होगी। सवाल : क्या IPD टावर में केवल प्राइवेट मेडिकल इंश्योरेंस वाले मरीजों को ही तवज्जो मिलेगी? जवाब : ऐसा नहीं है। निजी बीमा वाले मरीजों के लिए अलग व्यवस्था विकसित की जाएगी, लेकिन इसका उद्देश्य सरकारी योजनाओं के तहत मिलने वाले मुफ्त या कैशलेस इलाज को प्रभावित करना नहीं है। आईपीडी टावर में अत्याधुनिक वार्ड, आईसीयू और मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं, जिनका उपयोग मरीजों की जरूरत और निर्धारित व्यवस्था के अनुसार होगा। सवाल : मेडिकल इंश्योरेंस से होने वाली कमाई कहां खर्च होगी? जवाब : निजी बीमा कंपनियों से मिलने वाला भुगतान अस्पताल के लिए अतिरिक्त रेवेन्यू का सोर्स होगा। इसका इस्तेमाल हॉस्पिटल के रख-रखाव, चिकित्सा उपकरणों, उपचार सुविधाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने में किया जा सकेगा। आईपीडी टावर के संचालन पर हर महीने करीब 20 से 25 करोड़ रुपए की जरूरत होगी। ऐसे में यह आय अतिरिक्त आर्थिक संसाधन उपलब्ध करा सकती है। सवाल : राजस्थान में मुफ्त इलाज होने के बावजूद इस मॉडल की जरूरत क्यों पड़ी? जवाब : एसएमएस हॉस्पिटल में सरकारी योजनाओं के तहत मुफ्त या कैशलेस इलाज की सुविधा पहले से है। लेकिन निजी हेल्थ इंश्योरेंस वाले कई मरीज अपनी पॉलिसी का लाभ लेते हुए SMS के विशेषज्ञ डॉक्टरों से इलाज नहीं करा पाते थे। नई व्यवस्था से उन्हें अपने बीमा कवर के तहत एसएमएस हॉस्पिटल में इलाज का विकल्प मिलेगा। साथ ही अस्पताल को निजी बीमा कंपनियों से भुगतान मिलेगा, जिससे चिकित्सा सुविधाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त संसाधन जुटाए जा सकेंगे। सवाल : SMS अस्पताल को ही क्यों चुना गया है? जवाब : एसएमएस प्रदेश का सबसे बड़ा और प्रमुख सरकारी चिकित्सा संस्थान है, जहां गंभीर और जटिल बीमारियों के इलाज के लिए वरिष्ठ प्रोफेसर और सुपर-स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की सेवाएं उपलब्ध हैं। यहां हार्ट-किडनी ट्रांसप्लांट, कैंसर, हार्ट डिजीज जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज के साथ अत्याधुनिक तकनीक और हाईटेक इंफ्रास्ट्रक्चर भी मौजूद है। ऐसे में निजी बीमा वाले मरीजों को एक ही संस्थान में विशेषज्ञ और एडवांस इलाज का विकल्प मिल सकेगा। SMS अस्पताल मे तैयार हो रहा IPD टावर SMS अस्पताल परिसर में सबसे ऊंची बिल्डिंग IPD टावर बन रहा है। इसकी 24वीं मंजिल पर हेलीपैड भी तैयार हो गया है। यहां मरीजों को लाने ले जाने के लिए 3 हजार किलो वजनी एयर एंबुलेंस आसानी से टेकऑफ और लैंडिंग कर सकेगी। संभवत: यह देश का सबसे ऊंचा हेलीपैड है। हेलीपैड से सबसे ज्यादा राहत ऑर्गन ट्रांसप्लांट के मरीजों को मिलेगी। गंभीर हालत में मरीज को लाने में समय बचेगा। टावर का काम दिसंबर 2027 तक पूरा करने का टारगेट रखा गया है। … यह खबर भी पढ़ें… मरीज को लेकर 24वीं मंजिल पर उतरेगी एयर एंबुलेंस:आईपीडी टावर का हेलीपैड लगभग तैयार; ऑर्गन ट्रांसप्लांट के मरीजों को मिलेगी सबसे ज्यादा राहत जयपुर में एसएमएस अस्पताल परिसर में IPD टावर की 24वीं मंजिल पर हेलीपैड लगभग तैयार हो गया है। यहां मरीजों को लाने ले जाने के लिए 3 हजार किलो वजनी एयर एंबुलेंस आसानी से टेकऑफ और लैंडिंग कर सकेगी। संभवत: यह देश का सबसे ऊंचा हेलीपैड है..(CLICK कर पूरा पढ़ें)
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