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उदयपुर नगर निगम का चुनाव लड़ रहे 11 दागी चेहरे:कांग्रेस के 7,BJP के 4 उम्मीदवारों पर आपराधिक रिकॉर्ड, मारपीट समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज

1 month ago

उदयपुर नगर निगम चुनाव के चुनावी समर में इस बार मुख्य मुकाबला 'बेदाग' छवि और 'दागी' बैकग्राउंड के बीच भी दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गया है। शहर की सरकार चलाने के लिए दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों द्वारा उतारे गए 160 उम्मीदवारों के शपथ पत्रों की जब गहराई से पड़ताल की गई, तो कई चौकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। हालांकि, इस चुनावी मैदान में 93 प्रतिशत से ज्यादा यानी 149 उम्मीदवार पूरी तरह साफ-सुथरी छवि के साथ जनता के बीच हैं, लेकिन 11 प्रत्याशी ऐसे भी हैं जिनके दामन पर कानूनी मुकदमों के दाग लगे हुए हैं। सबसे खास बात यह है कि इस मामले में कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशियों की सूची में दागदार चेहरों की संख्या भाजपा से ज्यादा नजर आ रही है। चुनावी हलफनामों के अनुसार, कांग्रेस पार्टी के कुल 7 उम्मीदवारों पर विभिन्न आपराधिक मामले दर्ज हैं, जबकि सत्ताधारी भाजपा खेमे से केवल 4 प्रत्याशी ही कानूनी मामलों और पुलिस रिकॉर्ड में उलझे हुए हैं। दोनों दलों के बीच टिकट वितरण के इस आंकड़े ने राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। वार्ड 45 से कांग्रेस प्रत्याशी पर धोखाधड़ी, मारपीट के दो केस दर्ज कांग्रेस के जिन 7 प्रत्याशियों पर शिकंजा कसा है, उनमें वार्ड 45 से पंकज सुखवाल सबसे आगे हैं, जिनके नाम धोखाधड़ी और मारपीट के दो मामले दर्ज हैं। इसके अलावा वार्ड 5 से राघव सुखवाल पर मारपीट, वार्ड 22 से हिदायत उल्ला पर पारिवारिक प्रकरण, वार्ड 46 से कुलदीप मालवीय पर मारपीट, वार्ड 64 से जोगेंद्र सिंह शक्तावत, वार्ड 66 से सत्येंद्र चौधरी पर तोड़फोड़ व मारपीट और वार्ड 80 से योगेश पुष्करणा पर धारा 190 व 132 के तहत केस दर्ज है। कांग्रेस के इन प्रत्याशियों पर लगे आरोपों में मारपीट और धोखाधड़ी जैसे गंभीर मामले शामिल हैं। जोगेन्द्र सिंह शक्तावत जो वार्ड 64 से चुनाव लड़ रहे हैं। वे बीएन यूनिवर्सिटी छात्रसंघ अध्यक्ष और एनएसयूआई के जिला अध्यक्ष भी रहे हैं। वहीं बीएन ओल्ड बॉयज एसोसिएशन में ज्वॉइंट सेक्रेटरी रहे हैं। साथ ही वर्तमान में पदेन सदस्य हैं। दूसरी तरफ, भाजपा के 4 दागी प्रत्याशियों की बात करें तो उनके मामले अपेक्षाकृत अलग प्रकृति के हैं। वार्ड 2 से लक्ष्मण मालवीय पर आंदोलन से जुड़ा मामला है, वार्ड 3 से गिरीश श्रीमाली पर संपत्ति विवाद, वार्ड 19 से कुंदन चौहान पर वाहन दुर्घटना और वार्ड 80 से प्रताप सिंह राठौड़ पर धारा 188, 269 और 270 जैसी धाराओं के तहत केस दर्ज है। स्पष्ट है कि भाजपा उम्मीदवारों पर दर्ज अधिकांश मामले राजनीतिक आंदोलनों या प्रशासनिक नियमों के उल्लंघन से जुड़े हैं। जनता के सामने इस बार साफ-सुथरे विकल्पों की कोई कमी नहीं है, क्योंकि दर्जनों वार्ड ऐसे हैं जहां दोनों दलों के उम्मीदवार पूरी तरह बेदाग हैं। लेकिन चुनावी मैदान में उतरे इन दागी चेहरों का यह सफर जनता के बीच बहस का बड़ा मुद्दा बन गया है।
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