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वाई-फाई कमजोर तो हैकर की पहुंच आसान

1 month ago

भास्कर न्यूज | भरतपुर भरतपुर। जिस वाई-फाई से बच्चे ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे हैं, परिवार मोबाइल चला रहा है और घर का स्मार्ट टीवी इंटरनेट से जुड़ा है, वही नेटवर्क साइबर अपराधियों के लिए भी दरवाजा बन सकता है। राउटर का डिफॉल्ट पासवर्ड, पुरानी सिक्योरिटी या खुला डब्ल्यूपीएस फीचर आपकी डिजिटल सुरक्षा को कमजोर कर सकता है। राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने ऐसे ही खतरे से बचने के लिए आमजन को सावधान करते हुए वाई-फाई सुरक्षा के जरूरी उपाय बताए हैं। जिला पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार मीना ने बताया कि महानिदेशक पुलिस राजस्थान राजीव कुमार शर्मा के निर्देशन में साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने और लोगों को जागरूक करने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस साइबर क्राइम वीके सिंह ने बताया कि कमजोर वाई-फाई सुरक्षा से अनधिकृत डिवाइस नेटवर्क में प्रवेश कर सकते हैं। एसपी ने बताया कि यदि वाई-फाई से किसी अनजान डिवाइस के जुड़ने का शक है तो मोबाइल या लैपटॉप को उसी नेटवर्क से कनेक्ट कर राउटर का एडमिन पेज खोलें। राउटर के एडमिन यूजरनेम-पासवर्ड से लॉगिन करने के बाद कनेक्ट डिवाइस, डिवाइस सूची या अटैच्ड डिवाइसेज में नेटवर्क से जुड़े उपकरणों की जानकारी देखी जा सकती है। कोई अनजान डिवाइस मिले तो उसे नेटवर्क से हटाया जा सकता है। ये 6 काम तुरंत करें 1. डिफॉल्ट पासवर्ड बदलें: राउटर का कंपनी की ओर से दिया गया एडमिन पासवर्ड तुरंत बदलें। वाई-फाई पासवर्ड में बड़े-छोटे अक्षर, अंक और विशेष चिन्हों का इस्तेमाल करें। 2. डब्ल्यूपीए3 रखें एक्टिव: राउटर में डब्ल्यूपीए3 एन्क्रिप्शन का इस्तेमाल करें। यह उपलब्ध नहीं हो तो डब्ल्यूपीए2-एइएस रखें। पुराने डब्ल्यूपीई और डब्ल्यूपीए मोड से बचें। 3. डब्ल्यूपीई बंद रखें: आसान कनेक्शन के लिए दिया गया डब्ल्यूपीई फीचर बंद रखने की सलाह दी गई है। 4. रिमोट मैनेजमेंट डिसेबल करें: इससे इंटरनेट के जरिए बाहर से राउटर की सेटिंग्स तक पहुंचने की कोशिशों का खतरा कम होगा। 5. स्मार्ट डिवाइस अलग रखें: स्मार्ट टीवी और IoT उपकरणों के लिए गैस्ट नेटवर्क का इस्तेमाल करें। इससे मोबाइल और लैपटॉप जैसे जरूरी उपकरण मुख्य नेटवर्क पर सुरक्षित रहेंगे। 6. फर्मवेयर अपडेट करते रहें: राउटर का सॉफ्टवेयर नियमित रूप से अपडेट करें, ताकि नए सुरक्षा पैच मिलते रहें। जरूरत होने पर भरोसेमंद डिवाइस के एमएसी एड्रेस को व्हाइटलिस्ट भी किया जा सकता है। ठगी हो तो 1930 पर तुरंत कॉल करें राजस्थान पुलिस ने अपील की है कि वाई-फाई से छेड़छाड़, हैकिंग या साइबर अपराध की स्थिति में तुरंत पुलिस या साइबर पुलिस स्टेशन को सूचना दें। साइबर अपराध की शिकायत [राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल](https://cybe rcrime.gov.in?utm_so urce=chatgpt.com) पर की जा सकती है। वित्तीय साइबर ठगी होने पर 1930 पर तत्काल संपर्क करें। राजस्थान पुलिस के साइबर हेल्पडेस्क नंबर 9256001930 और 9257510100 पर भी सूचना दी जा सकती है।
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