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श्रीमद्भागवत से मोक्ष की प्राप्ति : रुद्रगिरी महाराज

1 month ago

भरतपुर| भुसावर उपखंड के पथैना गांव स्थित बिहारीजी मंदिर परिसर में चल रहे श्रीमद्भागवत सप्ताह में रविवार को कथा वाचक रुद्र गिरी महाराज ने भगवान की भक्ति और भागवत कथा के महत्त्व पर प्रवचन दिया। कथा सुनने के लिए आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में महिला-पुरुष पहुंच रहे हैं। महाराज ने कहा कि संसार में रहते हुए भगवान के प्रति अनन्य भक्ति और परमात्मा की प्राप्ति ही मानव जीवन का परम धर्म और उद्देश्य है। श्रीमद्भागवत वेदों, उपनिषदों और ब्रह्मसूत्रों का सार है। इसका श्रवण मनुष्य को भक्ति की ओर प्रेरित करता है और परिवार व सांसारिक कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए मन को भगवान से जोड़ने की सीख देता है। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण ही परम सत्य और समस्त ऊर्जाओं के स्रोत हैं। जीव उन्हीं का अंश है, लेकिन माया के प्रभाव में अपने वास्तविक स्वरूप को भूल जाता है। भागवत कथा के श्रवण से मन निर्मल होता है, विवेक जागृत होता है और अंततः मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। उन्होंने कहा कि मानव शरीर बड़े सौभाग्य से मिलता है। इसका सदुपयोग अच्छे कर्मों और भगवत्स्मरण में करना चाहिए। श्रीमद्भागवत महापुराण शुकदेवजी और राजा परीक्षित के बीच हुआ वह संवाद है, जो जीवन के अंतिम समय में भी भयमुक्त होकर परमात्मा में लीन होने का संदेश देता है। कथा के दौरान कृष्ण जन्म, गोवर्धन लीला, ध्रुव-प्रह्लाद चरित्र और उखल संवाद सहित विभिन्न प्रसंगों का वर्णन किया गया। महाराज ने भागवत महापुराण को सर्व वेदांत का सार बताते हुए इसके आध्यात्मिक महत्त्व पर प्रकाश डाला। कथा स्थल पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है।