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बांदीकुई जंक्शन पर फुट ओवरब्रिज का एंगल गिरा:यात्री की मौत, मेहंदीपुर बालाजी दर्शन कर घर जा रहे थे

बांदीकुई रेलवे जंक्शन पर शनिवार रात फुट ओवरब्रिज का एक लोहे का एंगल यात्री के सिर के ऊपर गिर गया। हादसे में यात्री की मौत हो गई। यात्री मेहंदीपुर बालाजी के दर्शन कर लौट रहे थे। मृतक की पहचान हरियाणा के झज्जर निवासी सुरेंद्र कुमार जाट (45) के रूप में हुई है। बालाजी दर्शन कर घर जाने के लिए बांदीकुई जंक्शन आए थे मृतक के फूफा सुरेंद्र ने बताया-मृतक सुरेंद्र जाट मेरे और उसकी बुआ कमलेश के साथ शुक्रवार शाम को मेहंदीपुर बालाजी दर्शन के लिए आए थे। शनिवार रात जयपुर -चंडीगढ़ ट्रेन से झज्जर जा रहे थे। मृतक सुरेंद्र फुट ओवरब्रिज के एंगल के सहारे बैठा था। इसी दौरान रात 12:55 पर पुराने फुट ओवरब्रिज का करीब 25 फीट लंबा लोहे का एंगल अचानक टूटकर उसके सिर के ऊपर गिर गया। अस्पताल में डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। हादसे के 5 मिनट बाद ही ट्रेन आ गई थी। परिजनो का आरोप है एंगल के जंग लगी हुई थी। इस कारण वह टूटकर गिरी है। सूचना मिलने पर जीआरपी और आरपीएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं। उन्होंने शव को बांदीकुई के उप जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया। सुरेंद्र किसान है। उनके एक बेटा और दो बेटियां हैं। योगा एक्सप्रेस से रेवाड़ी जाने वाला था यात्री जीआरपी थाना प्रभारी योगेश कुमार ने बताया-मृतक रात को जयपुर -चंडीगढ़ ट्रेन से झज्जर जाने वाले थे। रविवार को पोस्टमॉर्टम कर परिजनों को सौंप दिया जाएगा। थाना प्रभारी ने बताया- प्लेटफॉर्म नंबर 1 के आसपास बंदरों का उपद्रव रहता है। उन्होंने आशंका जताई कि बंदरों के बार-बार एंगल को हिलाने से वह कमजोर होकर टूट गया होगा। हालांकि, पूरी सच्चाई जांच के बाद ही सामने आएगी। रेलवे ने 10 लाख रुपए देने की घोषणा की रेल प्रशासन ने हादसे की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। रेलवे जीएम ने कमेटी को जल्दी से जल्दी इस मामले की जांच रिपोर्ट सौपने के निर्देश दिए हैं। रेलवे सीपीआरओ अमित सुदर्शन ने बताया कि रेलवे बोर्ड की ओर से मृतक के परिवार को 10 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।

राजस्थान में अमेजन-फ्लिपकार्ट के पुराने पैकेट में ड्रग्स की डिलीवरी:रैपिडो-पोर्टर जैसी एप का इस्तेमाल कर रहे तस्कर; मास्टरमाइंड RDX को किसी ने नहीं देखा

राजस्थान में रैपिडो-पोर्टर जैसे डिलीवरी एप से ड्रग्स सप्लाई की जा रही है। तस्कर न ग्राहक से मिलता है, न डिलीवरी के लिए अपना आदमी भेजता है। वॉट्सएप पर लोकेशन और क्वांटिटी तय होती है। इसके बाद डिलीवरी के लिए रैपिडो-पोर्टर जैसे एप से राइड बुक की जाती और अमेजन-फ्लिपकार्ट के पुराने पार्सल बैग में पैक कर ड्रग्स ग्राहक तक पहुंचा दी जाती है। पूरा नेटवर्क बाड़मेर में बैठा एक शख्स चला रहा है। मास्टरमाइंड का नाम RDX है, जिसे किसी ने नहीं देखा। इस नए ऑनलाइन नेटवर्क की परत तब खुली, जब सामान्य डिलीवरी के लिए 200 रुपए के बजाय राइडर को 2000 रुपए देकर कहा- ‘जा, ऐश कर’। राइडर को शक हुआ और उसने इसकी सूचना एएनटीएफ को दी। सूचना के बाद टीम ने करीब 3 महीने तक निगरानी रखी और जयपुर के मानसरोवर में सिटी पार्क के पास किराए के कमरे में रह रहे दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। आरोपियों के पास से 439 ग्राम एमडी और 466 ग्राम अफीम बरामद हुई। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… राइडर्स को शक हुआ, फिर खुला ड्रग्स नेटवर्क ऐसे ही चार-पांच अलग-अलग मामलों में राइडर्स को आरोपियों की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। उन्होंने इसकी जानकारी पुलिस तक पहुंचाई। 3 महीने रैपिडो-पोर्टर के राइडर बने पुलिसवाले राइडर्स के जरिए जैसे ही सूचना मिली, पुलिस ने मामले में इंवेस्टिगेशन शुरू कर दिया। तीन महीने तक पुलिसकर्मी रैपिडो और पोर्टर के राइडर बनकर आरोपियों के आसपास मंडराते रहे। ताकि आरोपी डिलीवरी के लिए बुकिंग करें और उन्हें रंगे हाथों पकड़ा जा सके। दूसरी ओर्र एएनटीएफ ने रैपिडो और पोर्टर कंपनियों से संपर्क कर संदिग्ध इलाकों में डिलीवरी करने वाले कई राइडर्स की डिटेल खंगाली। इन राइडर से पूछताछ की गई तो आरोपियों की आवाजाही और डिलीवरी के नेटवर्क का पता लगा। नशे की ‘होम डिलीवरी’ का नया मॉडल बाड़मेर से ऑपरेट करता है मास्टरमाइंड RDX इस पूरे नेटवर्क को बाड़मेर से कंट्रोल किया जाता था और स्टॉक जयपुर के किराए के कमरे में रखा जाता था। डिलीवरी ऑनलाइन राइडर्स के जरिए हो रही थी। बाड़मेर से RDX नाम का व्यक्ति आरोपियों के संपर्क में था। उसके बताए अनुसार एमडी और अफीम बाड़मेर और दूसरे सीमावर्ती जिलों से जयपुर पहुंचती थी। इसके बाद वॉटसएप पर मैसेज आता था कि किस ग्राहक को कितना माल देना है और कहां पहुंचाना है। किसी को नहीं पता कौन है RDX आरोपियों के पास इसके लिए अलग मोबाइल भी था। RDX ने मनीष को अलग एंड्रॉयड मोबाइल दिया था। उस फोन पर मैसेज आते थे, जिनमें माल की मात्रा और किस्म तक लिखी होती थी-जैसे ‘1 gm white’ और ‘18 gm brown’। यानी जिस व्यक्ति को माल पहुंचाना है, उसे जरूरी नहीं कि सप्लायर या ग्राहक का पूरा पता भी पता हो। उसे सिर्फ लोकेशन बताई जाती थी। खास बात ये है कि गिरोह में काम कर रहे किसी भी शख्स को RDX की असली पहचान नहीं मालूम थी। अमेजन-फ्लिपकार्ट के पुराने पैकेट में डिलीवरी पूछताछ में सामने आया कि MD और अफीम जिप-लॉक पाउच में पैक करने के बाद पुराने कार्टन और पार्सल बैग में रखा जाता था। इन पैकेटों पर Amazon, Flipkart जैसी ई-कॉमर्स कंपनियों के पुराने लेबल लगे बैग इस्तेमाल किए जाते थे। पैकेट को इस तरह तैयार किया जाता था कि बाहर से वह सामान्य ऑनलाइन सामान की डिलीवरी जैसा ही नजर आए। तलाशी में पुलिस को 11 खाली कार्टन, जिप-लॉक पाउच, पैकिंग बैग और ई-कॉमर्स कंपनियों के लेबल वाले पार्सल बैग भी मिले। आरोपियों के बयानों के मुताबिक, इन्हीं पैकेटों को आगे अलग-अलग जगहों पर भेजा जाता था। कभी राइडर के जरिए सप्लाई, कभी खुद रैपिडो से जाकर डिलीवरी नशे की सप्लाई के लिए आरोपी रैपिडो और पोर्टर जैसे डिलीवरी एप यूज कर रहे थे। तैयार पैकेट को कई बार राइडर के जरिए अलग-अलग लोकेशन पर भेज दिया जाता था। राइडर को पता भी नहीं चलता कि अनजाने में वह ड्रग्स की तस्करी कर रहा है। कई बार आरोपी खुद रैपिडो बाइक पर बैठकर तय जगह तक जाते और नशे का पैकेट किसी खाली या सुनसान स्थान पर छोड़ आते थे। इसके बाद उस जगह की फोटो और लोकेशन संबंधित व्यक्ति को भेज दी जाती थी, ताकि वह वहां पहुंचकर पैकेट उठा ले। इस तरह सप्लाई करने वाले और माल लेने वाले के बीच सीधे आमना-सामना भी नहीं होता था। एएनटीएफ के आईजी विकास कुमार ने बताया कि पूछताछ और जांच के दौरान ऐसे कई ठिकानों और लोगों के बारे में सुराग मिले हैं, जहां इस गिरोह के तार जुड़े होने की आशंका है। टीम इन जगहों पर आरोपियों की आवाजाही, डिलीवरी नेटवर्क और संपर्कों की जानकारी जुटा रही है। आने वाले दिनों में इन ठिकानों पर दबिश देकर गिरोह से जुड़े कुछ और लोगों की गिरफ्तारी और नशे की खेप बरामद होने की संभावना है। …. ड्रग्स स्मगलिंग से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर 30 करोड़ की हेरोइन बरामद:तस्करों ने ड्रोन से पांच किलो के 11 पैकेट गिराए, आधा किलो अफीम भी मिली भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पुलिस और BSF ने ड्रोन से भेजी गई करीब 30 करोड़ रुपए की हेरोइन बरामद की है। वला थाना क्षेत्र के 14 केएनडी गांव में खेत से हेरोइन और अफीम मिली है। पूरी खबर पढ़िए…

बीकानेर में महाराष्ट्र से आई एम्बरग्रीस, चार को पकड़ा:व्हेल मछली की उल्टी से बनता है प्रोडक्ट, 70 लाख का पैकेट बरामद

बीकानेर में पुलिस ने एम्बरग्रीस (व्हेल की उल्टी से बनने वाला पदार्थ) की डिलीवरी देने आए चार युवकों को पकड़ा है। इनमें तीन नाबालिग और एक बालिग है। पुलिस ने सूचना के आधार पर कार्रवाई कर उनके कब्जे से करीब 70 लाख रुपए कीमत का अंबरग्रीस का पैकेट बरामद किया। आरोपी महाराष्ट्र के रत्नागिरी से यह पैकेट लेकर बीकानेर पहुंचे थे। रत्नागिरी से पैकेट लेकर बीकानेर पहुंचे सीओ सिटी अनुज डाल ने बताया कि युवक एम्बरग्रीस का पैकेट महाराष्ट्र के रत्नागिरी से लेकर बीकानेर पहुंचे थे। यहां उन्हें इसकी डिलीवरी देनी थी। पुलिस अब जांच कर रही है कि यह पदार्थ उन्हें किसने उपलब्ध करवाया और बीकानेर में इसकी डिलीवरी किसे दी जानी थी। सूचना पर पुलिस ने कार्रवाई कर चारों को पकड़ा, पैकेट बरामद सीओ सिटी अनुज डाल ने शनिवार रात बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ युवक वन्यजीव से संबंधित प्रतिबंधित पदार्थ की डिलीवरी देने के लिए बीकानेर पहुंचे हैं। सूचना पर थाना पुलिस की टीम ने कार्रवाई करते हुए चारों को पकड़ लिया। उनके कब्जे से पैकेट बरामद किया गया। इनमें तीन नाबालिग और एक बालिग युवक है। चारों को डिटेन किया गया है। 15 दिन पहले भी आया था सैंपल, अब पूरे नेटवर्क की जांच जांच में सामने आया कि करीब 15 दिन पहले भी अंबरग्रीस का सैंपल बीकानेर में लाए जाने की सूचना मिली थी। पुलिस अब दोनों मामलों के बीच कनेक्शन की जांच कर रही है। बरामद पदार्थ की वास्तविक प्रकृति और कीमत की पुष्टि के लिए संबंधित विभाग से जांच करवाई जाएगी। वन्यजीव से संबंधित पदार्थ होने के कारण वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।

कांग्रेस-नेता के बेटे का सुसाइड,10 दिन पहले हुई थी सगाई:दादा की बंदूक से खुद को मारी गोली, नोट में लिखा- I AM SORRY

श्रीगंगानगर की श्रीकरणपुर पंचायत समिति के पूर्व प्रधान और कांग्रेस नेता युवरेंद्र सिंह के बेटे जैसल सिंह बराड़ (27) ने आत्महत्या कर ली। जैसल ने शनिवार दोपहर को 5-ओ स्थित अपने घर में की। उसके पास मिले सुसाइड नोट में केवल ‘I AM SORRY’ लिखा हुआ था। श्रीकरणपुर डीएसपी पुष्पेंद्र सिंह ने बताया- केसरीसिंहपुर थाना क्षेत्र निवासी जैसल ने अपने दादा की 312 बोर की बंदूक से सिर में गोली मार ली। उसकी 10 दिन पहले ही सगाई हुई थी। चाय देने कमरे में गया नौकर, बेड पर मिला शव पुलिस के अनुसार, शनिवार शाम करीब 5 बजे घर का नौकर जैसल को चाय देने उसके कमरे में गया था। उसने देखा की पूरा बेड खून से सना हुआ है और जैसल की बॉडी बेड पर ही पड़ी हुई है। वह घबराकर बाहर भाग परिवार को घटना की जानकारी दी। जानकारी के अनुसार जैसल RAS एग्जाम की तैयार कर रहा था। दस पहले हुई जैसल की सगाई घर में खुशियों का माहौल था। सुसाइड की घटना से घर में चीख-पुकार मची गई। जैसल कांग्रेस नेता युवरेंद्र सिंह का इकलौता बेटा था। सिंह साल 2000 से 2005 तक प्रधान रहे थे। उनके पिता बाघ सिंह भी पंचायत समिति प्रधान थे। AI इमेज से समझिए- पूरा घटनाक्रम सुसाइड के कारणों को लेकर पूछताछ पुलिस के अनुसार घटना दोपहर करीब 3.30 बजे की है। पुलिस को करीब 6 बजे सुसाइड की जानकारी मिली थी। शनिवार शाम को ही फोरेंसिक टीम ने जैसल के कमरे से सैंपल लिए थे। घटनास्थल से सुसाइड नोट और लाइसेंसी बंदूक को अपने कब्जे में लेकर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। रविवार सुबह मेडिकल बोर्ड से शव का पोस्टमॉर्टम कराकर शव परिवार को सौंपा गया। --- क्राइम से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… पत्नी और 3 बेटियों को पहले जहर दिया,फिर सिर कुचला:आरोपी मोबाइल बंद कर घर छोड़ गया, कर्ज में डूबे होने के चलते मर्डर की आशंका जयपुर के करधनी इलाके में पति ने पत्नी और 3 बेटियों का पत्थर से सिर कुचलने से पहले खाने में जहर दिया था। पुलिस की जांच में अब तक सामने आया है कि आरोपी पति ने हत्या प्री प्लान बनाकर की। पूरी खबर पढ़िए…

तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार 3 दोस्तों को कुचला:रंजिश के चलते हत्या का आरोप; 9 घंटे बाद पुलिस और परिजनों के बीच बनी सहमति

अलवर में तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार 3 दोस्तों को रौंद दिया। तीनों की मौके पर मौत हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि बाइक और कार नाले की 5 फीट ऊंची दीवार से टकराई, जिससे दीवार टूट गई। एक युवक उछलकर नाले में गिर गया। बाइक के परखच्चे उड़ गए। घटना अरावली विहार थाना इलाके में काली मोरी स्थित मोती नगर में शनिवार रात 10:15 बजे की है। परिजनों का आरोप है- रंजिश के चलते तीनों की हत्या की गई। कार से कुचलने के बाद सिर पर पत्थर से वार किए गए। रविवार सुबह 8 बजे से परिजन और स्थानीय लोग जिला हॉस्पिटल के बाहर बिजली घर चौराहे पर धरने पर बैठ गए। वे आरोपियों को गिरफ्तार कर फांसी देने की मांग की। उनका कहना है कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो जाती, तब तक धरने से नहीं हटेंगे, शव नहीं लेंगे। वहीं, धरने पर बैठी महिलाएं बिलख-बिलख कर रो पड़ीं। 9 घंटे बाद तीनों मृतकों के परिजनों और पुलिस प्रशासन में सहमति बनी। पुलिस ने 72 घंटे में आरोपियों को पकड़ने का आश्वासन दिया है। इसके बाद तीनों मृतकों के परिजन शवों का पोस्टमॉर्टम करवाने को तैयार हुए। थाना प्रभारी सुनील टांक ने बताया- चोर डूंगरी निवासी जितेंद्र सिंह उर्फ छोटू (22) पुत्र बजरंग सिंह राजपूत, तहसीलदार कॉलोनी निवासी युवराज उर्फ युवी (21) पुत्र नेमीचंद सैनी और काला कुआं इलाके निवासी हिमांशु (22) पुत्र धर्मेंद्र शर्मा की मौत हुई है। DSP राजेश कसाना ने बताया- धर्मेंद्र शर्मा ने रिपोर्ट दी है कि उनके बेटे हिमांशु व उसके दो साथियों की कार से टक्कर मारकर हत्या की गई। उसके अनुसार हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। अब देखिए, घटना से जुड़ी PHOTOS… परिजन का आरोप- रंजिश के चलते कार से कुचलकर मारा युवराज (मृतक) के पिता नेमीचंद सैनी ने आरोप लगाया कि यह सामान्य दुर्घटना नहीं, बल्कि सोची-समझी साजिश के तहत की गई हत्या है। युवराज का कॉलोनी के ही कुछ युवकों (सचिन मीणा व अन्य) से विवाद चल रहा था। जिस कार से बाइक को पीछे से टक्कर मारी गई, वह सचिन मीणा के नाम पर ही रजिस्टर्ड है। कार में 4 से 5 युवक सवार थे, जो वारदात के तुरंत बाद गाड़ी को मौके पर ही छोड़कर फरार हो गए। चाचा बोले- कुचलने के बाद सिर पर पत्थर से वार किए मृतक युवराज के चाचा दिनेश सैनी ने बताया- युवराज, जितेंद्र और हिमांशु शनिवार रात पुराना भूरासिद्ध मंदिर में प्रसाद चढ़ाने के बाद अपने किसी दोस्त से मिलने जा रहे थे। काली मोरी के पास पहले उनको कार से कुचला गया। फिर उसके बाद सिर पर पत्थर से वार किए गए। मौके पर क्षत-विक्षत शव दूर-दूर मिले। एक शव नाले के अंदर पड़ा मिला। जिस कार ने टक्कर मारी, उसमें चोर डूंगरी निवासी सचिन मीणा पुत्र बल्लू, सागर, पलटा और आकाश थे। सचिन पर पहले भी मुकदमे दर्ज हैं। वह कुछ महीने पहले ही जेल से छूटकर आया था। … खबर के पल-पल के अपडेट्स के लिए ब्लॉग से गुजर जाइए….

बाड़ाबंदी में फूल पार्टी की 'पूल-पार्टी':डांसर के साथ पूर्व सरपंच का 'गमछा-डांस'; हनुमान बेनीवाल के 'नागनाथ-सांपनाथ'

नमस्कार, प्रशिक्षण शिविर के नाम पर प्रत्याशी जिस पिकनिक पर निकले हैं उसे बाड़ाबंदी कहा जा रहा है। इस दौरान कहीं पूल पार्टी और दाल-बाटी का आनंद लिया गया और कहीं मंदिर में भजन किए गए। टोंक में महिला डांसर के साथ पूर्व सरपंच का ‘गमछा डांस’ सामने आया और चुनाव के दौरान दिग्गजों ने लगाया पूरा दम। राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में… 1. बाड़ेबंदी में दाल-बाटी, भजन और पूल पार्टी किसी जमाने में बाड़े में पशुओं को रखा जाता था। अब नेताओं को रखा जाता है। लेकिन बाड़ाबंदी में रखने की क्या जरूरत? जरूरत है। क्योंकि नेताजी के भाव चीनी से भी तेज चल रहे हैं। बोर्ड बनाने के लिए खरीद-बिक्री हो सकती है। ऐसे में जो प्रत्याशी बचा गया वही सिकंदर। बाड़े में भी कैडर के हिसाब से रखा जा रहा है। कहीं प्रत्याशियों को शानदार रिजॉर्ट में रखा गया है और कहीं कम बजट वालों ने प्रत्याशियों को मंदिर में रख छोड़ा। जो रिसोर्ट जा रहे थे उनके नखरे भी अलग। बस में बैठते ही उन्हें गर्मी लगने लगी। ऑर्डर हुआ- भैया AC ऑन कर दो। रिसॉर्ट पहुंचकर पुरुष प्रत्याशियों ने पूल में छलांग लगा दी। खूब नहाए। चुनाव की गर्मी उतारी। पूल में नारेबाजी भी कर दी। नहा-धोकर रेडी हुए तो गरमा-गरम दाल और नरमा-नरम बाटियां पेश हो गई। जो बेचारे मंदिर में ठहरे थे, वे बैठकर भजन करने लगे। किसी ने इकतारा संभाल लिया तो किसी ने झांझ। दस दिन ठहरने का इंतजाम किया गया है। ऐसे में कुछ महिला प्रत्याशी बच्चों को लेकर पहुंच गईं। एकाध ने सास को साथ ले लिया। जयपुर में महिला प्रत्याशी से पूछा कहां जा रही हैं? जवाब दिया प्रशिक्षण शिविर में। काहे का प्रशिक्षण और काहे का शिविर। इसी बस में सवार होने जा रही दूसरी महिला प्रत्याशी ने बेधड़क कहा- बाड़ाबंदी में जा रहे हैं। पाली में रवाना होती बस की खिड़की से झांककर एक प्रत्याशी ने ‘विक्ट्री साइन’ दिखा दिया। 2. पूर्व सरपंच और परिवहन निरीक्षक का डांस टोंक के एक नेताजी और एक अफसर चर्चा में हैं। चर्चा उनके डांस की हैं। हालांकि इस प्रस्तुति का चुनाव से दूर-दूर तक कोई संबंध नहीं। उनियारा के रोहित गांव में तेजाजी मेले पर कल्चरल इवनिंग हुई। मौका धार्मिक था और माहौल सांस्कृतिक। प्रोग्राम में रोहित गांव के पूर्व सरपंच हरिराम भी थे और परिवहन निरीक्षक हंसराज भी। आयोजकों ने माहौल में तड़का लगाने के लिए ऑर्केस्ट्रा पार्टी और महिला डांसरों को बुलाया था। महिला डांसरों ने भी मंच पर धूम मचा दी। ऐसा डांस किया कि पूर्व सरपंच साहब गमछा हिलाते हुए नृत्य करने कूद पड़े। खूब नाचे। डांसर के इर्द-गिर्द घूमकर जबरदस्त ठुमके लगाए। नेताजी के समर्थक भी पास ही जुटे थे। ताली बजाकर हौसला बढ़ाते रहे। पूर्व सरपंच को नाचता देख ट्रैफिक के अफसर परिवहन निरीक्षक साहब को भी हुकहुकी हुई। पूर्व सरपंच के थमने के बाद उन्होंने रिले दौड़ की मशाल थाम ली। कमर मटकाते हुए मंच के सेंटर पर पहुंच गए और ऐसे नाचे जैसे किसी प्रतियोगिता के लिए ऑडिशन चल रहा हो। अफसर साहब ने भी लटके झटके खूब दिखाए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ये अफसर साहब ही थे। वीडियो सामने आने के बाद लोग तरह-तरह की बातें कर रहे हैं। कोई कह रहा- पद की गरिमा का ध्यान रखना चाहिए। कोई कह रहा- भावनाओं में बह गए। 3. चलते-चलते.. निकाय चुनाव हो गए। प्रत्याशियों ने जी-जान लगाई ही। लेकिन असली दम नेताओं ने दिखाया। विधायक, पूर्व विधायक, सांसद, पूर्व सांसद और तमाम बड़े नेताओं ने चुनाव में पूरा जोर लगा दिया। ओसियां से पूर्व विधायक दिव्या मदेरणा भी इन दिनों काफी एक्टिव रहीं। रिटर्निंग अधिकारी से विधायक की मुलाकात और अपने प्रत्याशी को बाहर निकालने के मुद्दे पर धरना दिया। गांव-गांव घूमीं। प्रत्याशियों के समर्थन में सभाएं कीं। सबसे बड़ी बात, वोटर को उसकी ताकत का एहसास दिलाया। बड़े नेताओं की मौजूदगी से प्रत्याशियों का मनोबल बढ़ा। वैसे भी दिव्या फायरब्रांड नेता मानी जाती हैं। कांग्रेस के शीर्ष आलाकमान तक उनकी पहुंच है। उच्च शिक्षित हैं और बड़े राजनीतिक परिवार से आती हैं। तेवर में धार भी है। एक सभा में वोटर्स से दिव्या मदेरणा बोलीं- ये 2026 है। राजीव गांधी संचार क्रांति लाए थे। आज हर हाथ में मोबाइल है, कैमरा है। आपकी आवाज दिल्ली तक जा सकती है। पुलिस तानाशाही करे तो वीडियो रिकॉर्ड करो, मुझे टैग करो फोन करो, फिर मैं देखूंगी कि कौन तानाशाही करता है। अगर कोई युवा आपकी आवाज उठाए और पुलिस उसे उठा ले तो पूरा गांव एक हो जाना चाहिए। चुनाव प्रकार के दौरान कुछ ऐसा ही जलवा आरएलपी प्रमुख और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल का रहा। वे वन मैन आर्मी की तरह घूमे। हैदराबाद से AIMIM के ओवैसी के साथ जुगलबंदी बैठाने की कोशिश कर रहे हैं। विधानसभा में उनका एक भी विधायक नहीं। फिर भी दोनों प्रमुख दलों पर हमलावर रहे। बोले- एक नागनाथ है तो दूसरा सांपनाथ। राजस्थान को बचाना है तो हमें मजबूत करो। चुनाव में हार-जीत के पीछे बहुत सारे समीकरण काम करते हैं। लेकिन कुछ नेता अपने तेवरों के कारण हमेशा चर्चा में रहते हैं। इनपुट सहयोग- शिवम ठाकुर (जयपुर), किशन शर्मा (बेगूं, चित्तौड़गढ़), भरत मूलचंदानी (अजमेर), अमित विजयवर्गीय (आमेट, राजसमंद), ओम टेलर (पाली), महावीर बैरवा (टोंक)। वीडियो देखने के लिए सबसे ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब मंगलवार सुबह 7 बजे मुलाकात होगाी।

979 करोड़ का जेजेएम घोटाला, 7 अफसरों पर चलेगा केस:कोर्ट में तय होगा जिम्मेदारों ने क्या की गड़बड़ी, जानिए- ACB के पास कौनसे सबूत

करीब 979 करोड़ के जल जीवन मिशन (जेजेएम) घोटाले में सरकार ने जलदाय विभाग के 7 अफसरों के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी दे दी है। इनमे से 6 आरोपी जेल में बंद हैं। ACB आरोपियों के खिलाफ जुटाए पुख्ता सबूत पहले ही चार्जशीट के जरिए पेश कर चुकी है। अब कोर्ट में उन सबूतों के आधार पर ही तय होगा कि जिम्मेदारों ने कहां क्या गड़बड़ी की। फर्जी टेंडर से जुड़े इस घोटाले में कौनसे अफसर पर क्या आरोप हैं? ACB के पास कौनसे पुख्ता सबूत हैं जो इनके लिए मुसीबत बन सकते हैं? पढ़िए इस स्पेशल स्टोरी में… सबसे पहले जानिए क्या था जेजेएम घोटाला? सितंबर-2023 में केंद्र सरकार की योजना 'जल जीवन मिशन' के तहत राजस्थान में 979.27 करोड़ के फर्जी टेंडर हुए थे। आरोप है जयपुर की दो कंपनियों मै. श्याम ट्यूबवैल और मै. गणपति ट्यूबवेल ने फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र से ये टेंडर हासिल किए थे। विभाग में इनके खिलाफ कई बार शिकायत हुई। लेकिन बावजूद इसके बिना एक्शन लिए कंपनियों को टेंडर जारी कर दिए। मामला पहली बार तब पकड़ में आया जब ACB ने रेड मारते हुए जलदाय विभाग के एक इंजीनियर मायालाल सैनी को दबोचा। इसके बाद घोटाला सामने आया था। ACB के बाद ईडी और सीबीआई भी जांच कर चुकी हैं। रिटायर्ड IAS सुबोध अग्रवाल (तत्कालीन एसीएस जलदाय विभाग), पूर्व जलदाय मंत्री महेश जोशी गिरफ्तार होकर जेल में हैं। एसीबी ने चार्जशीट में लगाए आरोप राजस्थान एसीबी ने जेजेएम घोटाले में 4 जून 2026 को करीब 17,500 पन्नों की चार्जशीट पेश की थी। इससे पहले 10 अन्य आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट पेश कर चुकी थी। चार्जशीट में शामिल आरोपी दिनेश गोयल, कृष्णदीप गुप्ता, शुभांशु दीक्षित, सुशील शर्मा, नीरिल कुमार, विशाल सक्सेना, अरुण श्रीवास्तव, डीके गौड़, महेंद्र प्रकाश सोनी, मुकेश पाठक और सुबोध अग्रवाल हैं। इससे पहले ACB की एसआईटी ने सभी आरोपियों को 17 फरवरी 2026 को गिरफ्तार किया था। केवल एक आरोपी अरुण श्रीवास्तव को कोर्ट से बेल मिली है। बाकी सभी 10 आरोपी अभी-भी जेल में बंद हैं। जेल में बंद 7 आरोपियों के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति हाल ही में सरकार ने दी है। सिलसिलेवार जानते हैं, किस आरोपी पर क्या आरोप हैं और ACB के पास इनके खिलाफ कौनसे पुख्ता सबूत हैं? 1. कृष्ण दीप गुप्ता, तत्कालीन मुख्य अभियंता, ग्रामीण आरोप क्या : टेंडर प्रक्रिया में फर्जी अनुभव और वर्क-कम्प्लीशन प्रमाणपत्रों के आधार पर कंपनियों को पात्र मानने और कथित तौर पर नियमों की अनदेखी कर ठेके दिलाने में भूमिका। ACB के पास सबूत क्या? फर्जी अनुभव प्रमाणपत्रों के आधार पर फर्मों की पात्रता और टेंडर प्रक्रिया को आगे बढ़ाने से जुड़ी फाइलें-दस्तावेज ACB के रिकॉर्ड में है। 2. शुभांशु दीक्षित, तत्कालीन सचिव, राजस्थान वाटर सप्लाई एंड सीवरेज मैनेजमेंट बोर्ड आरोप क्या : फर्जी दस्तावेजों के आधार पर टेंडर देने की प्रक्रिया में अधिकारियों की मिलीभगत में शामिल। नियमों को दरकिनार कर चुनिंदा कंपनियों को लाभ पहुंचाया। ACB के पास सबूत क्या? टेंडर प्रक्रिया और संबंधित निर्णयों में प्रशासनिक भूमिका, ACBका आरोप है कि फर्जी दस्तावेजों के बावजूद प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया और नियमों की अनदेखी हुई। 3. दिनेश गोयल, तत्कालीन मुख्य अभियंता, विशिष्ट परियोजना-जेजेएम आरोप क्या : मिलीभगत में शामिल, टेंडर प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी की, जबकि पता था की आवेदक कंपनी के लगाए दस्तावेज फर्जी हैं। 17 फरवरी को उदयपुर में एक होटल से गिरफ्तार किया। ACB के पास सबूत क्या? टेंडर नंबर 73/2022-23 और 74/2022-23 में दोनों फर्मों के अनुभव प्रमाणपत्रों की जांच करनी थी। ACB को पड़ताल के दौरान विभाग को दी ऐसी कोई स्पष्ट जांच रिपोर्ट नहीं मिली है। 4. अरुण श्रीवास्तव, तत्कालीन अतिरिक्त मुख्य अभियंता, प्रथम आरोप क्या : टेंडर जारी करने वाली कमेटी के मेंबर थे। एसीबी ने अनुसार इन्हें पता था कि दस्तावेज फर्जी हैं उसके बाद भी कोई आपत्ति नहीं की और टेंडर जारी कर दिए। आरोपी को दिल्ली स्थित आवास से गिरफ्तार किया गया था। ACB के पास सबूत क्या? फर्जी अनुभव प्रमाणपत्रों के सत्यापन के लिए फर्जी ई-मेल आईडी पर ई-मेल भेजे गए। हाईकोर्ट के रिकॉर्ड में ACB ने इसे जानबूझकर किया गया कृत्य बताया है। 5. महेंद्र प्रकाश सोनी, तत्कालीन अधीक्षण अभियंता, अजमेर आरोप क्या : फर्जी अनुभव और वर्क-कम्प्लीशन प्रमाणपत्रों के आधार पर टेंडर प्रक्रिया में कंपनियों को पात्र बनाने और कथित अनियमितताओं में भूमिका रही, ACB ने इन के खिलाफ अलग से भी FIR में नामजद किया था। ACB के पास सबूत क्या? फर्जी अनुभव प्रमाणपत्रों को स्वीकार करने और उनके आधार पर कंपनियों को पात्रता देने की प्रक्रिया में भूमिका के सबूत हैं। 6. दिलीप कुमार गौड़, तत्कालीन मुख्य अभियंता/तकनीकी सदस्य आरोप क्या : कंपनी के फर्जी डॉक्यूमेंट होने के बावजूद तकनीकी स्तर पर टेंडर प्रक्रिया को मंजूरी दे दी। किसी भी प्रकार से उसे रोकने की कोशिश नहीं की। न ही सरकारी एजेंसियों को सूचना दी। जयपुर से गिरफ्तार किये गए। ACB के पास सबूत क्या? : फर्जी प्रमाणपत्रों के बावजूद प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया, चाहते तो टेंडर होने से रोक भी सकते थे, ऐसी कोई टिप्पणी एसीबी को नहीं मिली है। 7. विशाल सक्सेना, पद- तत्कालीन अधिशासी अभियंता, शाहपुरा आरोप क्या : फर्जी अनुभव प्रमाणपत्रों की जांच के बाद उन्हें सही बताने वाली रिपोर्ट तैयार करने और उसके आधार पर आगे की टेंडर प्रक्रिया को बढ़ाने में भूमिका का आरोप। जांच में ACB ने आरोप लगाया कि इन प्रमाणपत्रों के आधार पर कंपनियों को करीब 979 करोड़ रुपए के टेंडर मिले। एसीबी की टीम ने बाड़मेर रेलवे स्टेशन से इन्हें गिरफ्तार किया था। ACB के पास सबूत क्या? फर्जी अनुभव प्रमाणपत्रों की जांच के बाद उन्हें सही मानने वाली रिपोर्ट ही सबसे बड़ा सबूत है। इसी प्रक्रिया के जरिए संबंधित कंपनियों को टेंडर हासिल करने में मदद मिली थी। कंपनी ने मेल भेजकर बताया, फिर भी एक्शन नहीं जेजेएम घोटाले में करीब 979.27 करोड़ रुपए की बंदरबांट हुई। एसीबी की पड़ताल के अनुसार टेंडर की शर्तों में कथित तौर पर नियमों के विपरीत 50 करोड़ रुपए से अधिक के प्रोजेक्ट में साइट विजिट सर्टिफिकेट की अनिवार्यता जोड़ी गई। इससे टेंडर में प्रतिस्पर्धा प्रभावित हुई। इस बीच जयपुर की दोनों फर्मों ने IRCON इंटरनेशनल के फर्जी लेटर हेड पर अनुभव और वर्क-कम्प्लीशन सर्टिफिकेट तैयार किया। एसीबी का मानना है कि टेंडर से पहले ही इसकी प्लानिंग हो चुकी थी। इसके बाद जब कंपनी IRCON को इस फर्जीवाड़े का पता चला तो उसने 16 फरवरी 2023 को ई-मेल के जरिए विभाग को शिकायत भेजी। लेकिन जिम्मेदार अफसरों ने कोई एक्शन नहीं लिया गया। क्या सभी अधिकारियों को नौकरी से टर्मिनेट किया जाएगा? लीगल मामलों के जानकार के अनुसार अभियोजन स्वीकृति मिलने के बाद तुरंत नौकरी से टर्मिनेट किया जाना जरूरी नहीं हैं। आरोपियों के खिलाफ केस चलना और विभागीय कार्रवाई दोनों अलग-अलग प्रक्रिया हैं। सरकार या विभाग सेवा नियमों के तहत निलंबन, विभागीय जांच और अन्य कार्रवाई का निर्णय ले सकती है।

अलवर में बारिश, आज 29 जिलों में अलर्ट:जोधपुर में एक महीने बाद हुई बरसात, दो जिलों में पारा 40 डिग्री के पार

अलवर शहर में रविवार शाम करीब 4 बजे बारिश हुई। राजस्थान के 29 जिलों में आज तेज बारिश का यलो अलर्ट है। शनिवार को जयपुर, भरतपुर, कोटा, उदयपुर संभाग के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। सबसे ज्यादा बारिश उदयपुर संभाग में हुई, जहां करीब 2 इंच तक पानी बरसा। जोधपुर शहर और आसपास के एरिया में करीब एक महीने बाद हल्की बरसात हुई। मौसम विभाग के मुताबिक राज्य में बारिश का ये दौर 16 सितंबर तक दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में जारी रहेगा। जबकि पश्चिमी जिलों में अगले सप्ताह के आखिरी से मानसून की विदाई का चरण शुरू हो सकता है। इधर, जोधपुर, बीकानेर संभाग के एरिया में वेस्टर्न विंड (पश्चिमी हवा) स्ट्रॉन्ग होने से गर्मी तेज होने लगी है। शनिवार को जैसलमेर, बाड़मेर में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। सबसे पहले प्रदेश में बारिश की स्थिति मानसून के बड़े अपडेट्स चित्तौड़गढ़ में 2 इंच बारिश: पिछले 24 घंटे में सबसे ज्यादा बरसात चित्तौड़गढ़ के निम्बाहेड़ा में 46MM दर्ज हुई। बांसवाड़ा, झालावाड़, प्रतापगढ़, उदयपुर, जयपुर, राजसमंद, सीकर, नागौर, पाली, कोटा, डूंगरपुर, बूंदी, भीलवाड़ा, बारां और अजमेर जिलों में भी एक इंच तक पानी बरसा। जोधपुर में हल्की बारिश: पश्चिमी राजस्थान के अधिकतर जिलों में सूखे जैसे हालात हैं। अगस्त और सितंबर के शुरुआती दिनों में यहां काफी कम बरसात हुई है। 11 सितंबर से फिर से एक्टिव हुए मानसून के बाद यहां बारिश की संभावना है। शनिवार शाम को जोधपुर में हल्की बरसात हुई है। यहां करीब एक महीने बाद पानी बरसा। 3 दिन बारिश की संभावना: मौसम विभाग ने बताया- मानसून ट्रफ अब जैसलमेर, कोटा, राजगढ़, बैतूल से होकर लो-प्रेशर सिस्टम से होते हुए दक्षिणी छत्तीसगढ़, गोपालपुर होते हुए बंगाल की खाड़ी तक गुजर रही है। लो-प्रेशर सिस्टम दक्षिणी छत्तीसगढ़ और उसके आसपास के ऊपर एक्टिव है, जो अभी पश्चिमी और उत्तर-पश्चिमी ​दिशा तक आगे बढ़ रहा है। इसके असर से 2-3 दिन राजस्थान में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। अब देखिए- राजस्थान में बारिश की PHOTO सामान्य से 26 फीसदी कम बारिश राजस्थान में 1 जून से अब तक कुल 410.1MM औसत बरसात होती है, लेकिन इस सीजन में अब तक कुल औसत बरसात 304.9MM बरसात हुई है, जो सामान्य से 26 फीसदी कम है। जैसलमेर, बाड़मेर में बढ़ी गर्मी: पश्चिमी जिलों में मौसम सूखा रहने और पश्चिमी हवाओं के स्ट्रांग होने से गर्मी तेज हो गई। शनिवार को जैसलमेर, बाड़मेर में अधिकतम तापमान 40.5 और 40.8 ​डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। आगे कैसा रहेगा मौसम राजस्थान के प्रमुख शहरों में मौसम का हाल जयपुर: शनिवार को भी राजधानी में हल्की बारिश हुई। शास्त्री नगर, बनीपार्क, विद्याधर नगर, अजमेरी गेट, जेएलएन मार्ग समेत कई जगहों पर हल्की बारिश के साथ तेज हवा चलने से ठंडक हो गई। इससे यहां तापमान में 2 डिग्री तक गिरावट हुई। अधिकतम तापमान 33.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। अलवर: शनिवार सुबह शहर और जिले के कई इलाकों में बादल छाए रहे। दोपहर होते-होते तेज धूप निकली। दिनभर मौसम सामान्य रहा। अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस रहा। आने वाले दिनों में बारिश और आंधी की संभावना है। कोटा: दिनभर बादल छाए रहे। कई इलाकों में रुक-रुककर रिमझिम बारिश हुई। अधिकतम तापमान 3 डिग्री गिरकर 31.9 डिग्री व न्यूनतम तापमान 25.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। शाम साढ़े 5 तक 2.2 एमएम बरसात हुई। बादल छाए रहने व हल्की बरसात होने से मौसम सुहावना हो गया। अजमेर: शनिवार दोपहर अचानक मौसम बदल गया। तेज बारिश हुई। सुबह धूप निकलने के कारण गर्मी और उमस से लोग परेशान थे, लेकिन दोपहर में बादल छाने के बाद बारिश शुरू हुई। शाम 5:30 बजे तक 5.2 MM बारिश दर्ज की गई। अधिकतम तापमान 33.2 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23.9 डिग्री रहा। उदयपुर: शनिवार दोपहर बाद मौसम बदला और बारिश हुई। शहर में हल्की बारिश हुई। खेरवाड़ा में तेज हवा के साथ बारिश हुई, जबकि कानोड़ और वल्लभनगर क्षेत्र में भी लंबे इंतजार के बाद बारिश होने से लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली। उदयपुर में शनिवार को अधिकतम तापमान 30.9 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25.1 डिग्री दर्ज किया गया। जोधपुर: शनिवार को दिनभर उमस के बाद देर शाम करीब 7 बजे हल्की बारिश हुई। शहर के चौपासनी हाउसिंग बोर्ड, शास्त्री नगर, प्रताप नगर सहित कई इलाकों में बारिश हुई। शहर में करीब महीनेभर बाद बारिश हुई। अधिकतम तापमान 37.8 डिग्री और न्यूनतम तापमान 28.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। सीकर: शनिवार शाम को तेज हवा के साथ बारिश हुई। तेज हवा के साथ करीब 25 मिनट हुई बरसात से लोगों को गर्मी-उमस से राहत मिली। अधिकतम तापमान 36.5 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25.0 डिग्री दर्ज किया गया। सीकर में अब आगामी 2 दिन तक बारिश होने का अनुमान है।

बिहार के IPS अफसर का पारिवारिक विवाद भरतपुर थाने पहुंचा:ससुराल के गेट पर पत्नी धरने पर बैठी, थोड़ी देर पहले ही पति रवाना हुए

बिहार के खगड़िया में एसपी पद पर तैनात आईपीएस अधिकारी भानुप्रताप सिंह और उनकी पत्नी पूजा के बीच चल रहा पारिवारिक विवाद अब भरतपुर के मथुरा गेट थाने तक पहुंच गया है। पत्नी पूजा ने थाने पहुंचकर पति और ससुराल पक्ष के खिलाफ शिकायत दी। उनका आरोप है कि पति उनकी छह साल की बेटी को उनसे दूर करना चाहते हैं। पुलिस ने मामले को पारिवारिक विवाद बताते हुए तत्काल कार्रवाई से इनकार कर दिया। इसके बाद पूजा देर रात तक थाने में बैठी रहीं। भानुप्रताप सिंह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के फतेहपुर सीकरी के रहने वाले हैं। उनका परिवार भरतपुर शहर की गीता कॉलोनी में किराये के मकान में रहता है। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों से भानुप्रताप सिंह अपनी छह साल की बेटी के साथ भरतपुर में ही थे। इसी दौरान उनकी पत्नी पूजा बिहार से भरतपुर पहुंचीं। पत्नी के पहुंचने की जानकारी के बाद भानुप्रताप सिंह भरतपुर से निकल गए। पहले ससुराल पहुंचीं, फिर ननद के घर गईं पूजा ने पुलिस को बताया कि वह सबसे पहले गीता कॉलोनी स्थित ससुराल पहुंचीं। करीब एक घंटे तक दरवाजा खुलवाने की कोशिश की, लेकिन किसी ने गेट नहीं खोला। इसके बाद वह विजय नगर स्थित अपनी ननद के घर पहुंचीं। वहां भी दरवाजा नहीं खोला गया। परेशान होकर पूजा मथुरा गेट थाने पहुंचीं और पुलिस से मदद मांगी। थाने में एसएचओ ने भानुप्रताप सिंह से फोन पर बातचीत की। इसके बाद पुलिस ने मामले को पारिवारिक विवाद बताते हुए तत्काल कोई कार्रवाई करने से इनकार कर दिया। इसके बाद पूजा देर रात तक थाने में ही बैठी रहीं। 2015 में हुई थी मुलाकात, अगले साल शादी पूजा ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि उनकी मुलाकात भानुप्रताप सिंह से साल 2015 में एक कार्यक्रम के दौरान हुई थी। दोनों ने परिवार की नाराजगी के बावजूद 16 जनवरी 2016 को शादी कर ली। पूजा के अनुसार, शादी के बाद करीब पांच साल तक उन्होंने भरतपुर के एक निजी स्कूल में शिक्षिका के रूप में काम किया। उन्होंने बताया कि इसी दौरान भानुप्रताप सिंह ने यूपीएससी की तैयारी की और चयन के बाद पुलिस सेवा में चले गए। पूजा के अनुसार, इसके बाद कुछ समय तक सब कुछ ठीक चलता रहा, लेकिन अब पति-पत्नी के बीच विवाद इस स्तर तक पहुंच गया है कि उनकी छह साल की बेटी को लेकर भी खींचतान चल रही है। पूजा का मायका झुंझुनूं जिले की उदयपुरवाटी तहसील के तिवारी का वास में बताया गया है।

अजमेर में रिटायर्ड डॉक्टर-टीचर से लूट की कोशिश,VIDEO:घर से 100 मीटर पहले बदमाशों ने चेन खींचने के लिए झपट्टा मारा; लोगों ने 1 को पकड़ा

अजमेर में रिटायर्ड डॉक्टर महेंद्र जैन (69) और उनकी पत्नी रिटायर्ड टीचर सुचित्रा जैन (66) से लूट की कोशिश हुई। दोनों शनिवार रात 8 बजे वैशाली नगर से स्कूटी पर सिविल लाइंस स्थित घर लौट रहे थे। घर से 100 मीटर पहले बाइक पर आए 2 बदमाशों ने महिला के गले से चेन खींचने की कोशिश की। झपट्टा मारते ही बदमाशों की बाइक स्पीड ब्रेकर पर अनियंत्रित होकर गिर गई। दंपती भी स्कूटी से सड़क पर गिर गए। बाइक गिरने के बाद पीछे बैठा बदमाश उठा और सड़क पर गिरी सुचित्रा जैन की तरफ दौड़ा। नकली पिस्तौल तानकर धमकाया और गले से चेन तोड़ ली। महिला के शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। लोगों को आता देख पिस्तौल लहरा रहा बदमाश भागने लगा, लेकिन लोगों ने पकड़कर पिटाई कर दी। वहीं, दूसरा बदमाश नकली बंदूक दिखाते हुए मौके से भाग निकला। घटना सिविल लाइन थाना क्षेत्र की है। तस्वीरों में देखिए पूरा घटनाक्रम… पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया, थाने ले गई घटना की सूचना मिलने पर सिविल लाइन थाने से कॉन्स्टेबल रामावतार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और आरोपी को हिरासत में लेकर थाने ले गए। पुलिस ने मौके से बदमाशों की बाइक और नकली पिस्तौल को बरामद किया है। रिपोर्ट मिलने के बाद होगी कार्रवाई सिविल लाइन थाना प्रभारी शंभू सिंह ने बताया- स्कूटी सवार दंपती से लूट के कोशिश की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। स्थानीय लोगों ने एक आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। उससे पूछताछ की जा रही है और फरार साथी की तलाश की जा रही है। फिलहाल पीड़ित दंपती की ओर से लिखित शिकायत नहीं दी गई है। शिकायत मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। ये खबर भी पढ़ें महिला के हाथ से मोबाइल छीनकर भागे बाइक सवार बदमाश,VIDEO:बेटी को आइसक्रीम दिलाकर लौट रही थी घर, पति पकड़ने के लिए पीछे भागा अजमेर में बाइक पर आए बदमाशों ने महिला के हाथ से मोबाइल छीन लिया। महिला बेटी को आइसक्रीम दिलाकर घर लौट रही थी। बेटी उसकी गोद में थी। महिला मोबाइल पर बात करते-करते चल रही थी। उसका पति पीछे चल रहा था। इस बीच पीछे से बाइक पर दो बदमाश आए और मोबाइल छीनकर भाग गए। (पूरी खबर पढ़ें)

3 बेटियों और पत्नी की हत्या करने वाले पर इनाम:एक-एक वार में सभी को मार डाला; सिर की हड्डियां टूट गई थीं

जयपुर में पत्नी और तीन बेटियों की हत्या कर भागे आरोपी पति का पुलिस को शनिवार को भी सुराग नहीं मिला। पुलिस की ओर से फरार आरोपी पर 25 हजार रुपए का इनाम रखा गया है। पुलिस की टीमें सीसीटीवी फुटेजों के आधार पर कुछ गाड़ियों की तलाश कर रही है। करधनी पुलिस ने कांवटिया हॉस्पिटल में चारों शव का पोस्टमॉर्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया। आरोपी ने एक-एक वार में मां और तीनों बेटियों की हत्या की। जिससे सिर की हड्डियां टूट गई। डीसीपी (वेस्ट) प्रशांत किरण ने बताया- 11 सितंबर की अल सुबह गोविंद वाटिका प्लॉट नंबर- ए-169 में राहुल झा (45) ने पत्नी गीता झा (40), बेटी नंदनी (22), राधिका (17) और गिरीश उर्फ गौरी (14) की हत्या की थी। आरोपी राहुल झा फरार है। पुलिस की टीमों की ओर से परिचित-दोस्तों से भी आरोपी राहुल के बारे में पूछताछ की गई है। इसके साथ ही सीसीटीवी फुटेजों के आधार पर कुछ गाड़ियों को संदिग्ध मानकर उसमें राहुल के बैठकर फरार होने को लेकर भी जांच की जा रही है। एक ही वार में एक हत्या की सूत्रों के मुताबिक, परिवार की हत्या के लिए 10 सितंबर की रात को राहुल ने खाने में जहर मिलाया था। जहर मिला खाना खाने के बाद पत्नी और तीनों बेटियां अपने-अपने कमरे में सोने चली गई। 11 सितंबर की सुबह करीब 4-5 बजे के बीच बेहोश की हालत में सभी पड़े थे। जिंदा होने के शक के चलते घर के बाहर रखी डेढ़ फीट की करीब 10 KG की सीमेंट पट्टी उठाकर लाया। पत्नी और तीनों बेटियों के सिर-मुंह पर सीमेंट की पट्टी को एक-एक बार ही तेजी से मारा। एक ही वार में सिर की हड्डियां टूट गईं। वार से सोफा भी टूट गया डीसीपी (वेस्ट) प्रशांत किरण ने बताया- वार इतना तेज था कि नीचे कमरे में एक बेटी सोफे पर सो रही थी। सीमेंट की पट्टी से किए वार से सोफा टूट गया और वह जमीन पर आ गिरी। वहीं, पहली मंजिल पर कमरे में सो रही पत्नी के सिर-मुंह पर भी उसी तेजी से वार किया। जिसके चलते बेड के सिराहने रखा हत्यारे राहुल का मोबाइल भी चपेट में आने से टूट गया। पुलिस ने पत्नी और तीनों बेटियों के मोबाइल को जब्त किया है। जिसे अनलॉक करवाने के लिए FSL भेजा जाएगा। मोबाइल सीडीआर की जांच पुलिस की ओर से आरोपी राहुल के मोबाइल नंबर की सीडीआर निकलवाई गई। सीडीआर में ज्यादातर कॉल से बातचीत में पत्नी गीता झा (40) और बड़ी बेटी नंदनी (22) से होना सामने आया है। मोबाइल कॉल नंबर्स के आधार पर दोस्तों से बात करने पर उन्होंने राहुल के परेशान होने की बात पता होने से मना किया है। …. ये खबर भी पढ़ें… पत्नी और 3 बेटियों को पहले जहर दिया,फिर सिर कुचला:आरोपी मोबाइल बंद कर घर छोड़ गया, कर्ज में डूबे होने के चलते मर्डर की आशंका जयपुर-पत्थर से सिर कुचलकर पत्नी और तीन बेटियों की हत्या:फिर पिता को चाय पिलाई और फरार हो गया, अलग-अलग कमरों में मिली लाश

निर्दलीय को लेने कांग्रेस की बाड़ाबंदी में पहुंची पुलिस,हंगामा हुआ:चित्तौड़गढ़ में बीजेपी प्रत्याशियों ने की पूल-पार्टी, जयपुर में वोटर लिस्ट में नाम नहीं, 110 लोगों ने वोट डाले

राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव की वोटिंग के बाद भाजपा और कांग्रेस ने प्रत्याशियों की बाड़ेबंदी कर दी है। अलवर की रामगढ़ नगर पालिका के कांग्रेस प्रत्याशियों की बाड़ेबंदी में पुलिस पहुंची तो हंगामा हो गया। दरअसल, अकबरपुर के धवाला रिसोर्ट में रुके वार्ड 10 से निर्दलीय प्रत्याशी अंजू और उनके पति योगेश मिश्रा को अकबरपुर और रामगढ़ थाना पुलिस टीम ले जाने के लिए पहुंची थी। पुलिस का कहना था कि योगेश के किडनैप की शिकायत मिली है। योगेश मिश्रा ने कहा कि हम अपनी मर्जी से यहां आए हैं। इस दौरान कांग्रेस नेताओं और पुलिस के बीच जमकर नोकझोंक और खींचतान हुई। करीब 1 घंटे तक चले हंगामे के बाद पुलिस लौट गई। उधर, जयपुर में भाजपा ने अपने पार्षद प्रत्याशियों को दिल्ली रोड स्थित रिसोर्ट में ठहराया है। यहां महिला प्रत्याशी अपने बच्चों के साथ पहुंची। चित्तौड़गढ़ की रावतभाटा नगर पालिका के भाजपा प्रत्याशियों को पार्टी ने 9 सितंबर को चुनाव के बाद शहर से बाहर भेज दिया था। इन प्रत्याशियों की बाड़ेबंदी का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वे स्विमिंग पूल में नहाते हुए नजर आ रहे हैं। वहीं जयपुर में वार्ड 62 के एक बूथ पर 110 वोटर्स का नाम वोटर लिस्ट से डिलीट होने के बावजूद उनके वोट डाले गए। इस बूथ पर राज्य निर्वाचन आयोग ने कल रिपोलिंग करवाने का फैसला किया है। भाजपा -कांग्रेस की बाड़ेबंदी के फोटोज… राजसमंद जिले की आमेट नगरपालिका में चुनाव के बाद भाजपा प्रत्याशियों की बाड़ेबंदी की गई। भाजपा प्रत्याशियों का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें सभी प्रत्याशी मंदिर में भजन कीर्तन करते नजर आ रहे हैं। अजमेर में शनिवार सुबह बीजेपी के प्रत्याशी विधायक अनिता भदेल के घर पहुंचे। शुक्रवार को वोटिंग के बाद BJP ने कुछ प्रत्याशियों को देर रात पुष्कर भेज दिया। कांग्रेस ने आज दोपहर में सभी प्रत्याशियों को बुलाया है। जालोर जिले की सांचौर नगरपालिका में भाजपा के सभी 35 प्रत्याशियों को रात करीब दस बजे निजी बस से गुजरात के एक रिसॉर्ट में भेजा गया। खबर के पल-पल के अपडेट्स के लिए ब्लॉग से गुजर जाइए….

‘जय श्रीराम’ के जयघोष के बीच 40 वार्डों में दौड़ी भाजपा की मातृशक्ति, दीपिका चिखलिया ने भरा जोश

डूंगरपुर। नगर परिषद चुनाव को लेकर भाजपा ने सोमवार को चुनाव प्रचार में शक्ति प्रदर्शन करते हुए शहर में भव्य महिला स्कूटी रैली निकाली। रैली में बड़ी संख्या में भाजपा महिला मोर्चा की कार्यकर्ता स्कूटी लेकर शामिल हुईं। भगवा रंग और भाजपा के झंडों से सजी स्कूटियों के साथ निकली महिला कार्यकर्ताओं ने पूरे शहर में चुनावी माहौल को गरमा दिया। रैली का मुख्य आकर्षण रामायण धारावाहिक में माता सीता की भूमिका निभाने वाली अभिनेत्री दीपिका चिखलिया रहीं। खुली जीप में सवार दीपिका चिखलिया ने 40 वार्डों की जनता का अभिवादन स्वीकार करते हुए भाजपा प्रत्याशियों के पक्ष में मतदान की अपील की। भाजपा जिला मीडिया प्रभारी गुणवंत कलाल ने बताया कि  रैली का नेतृत्व जिला संगठन प्रभारी वीरेंद्र सिंह चौहान, भाजपा जिलाध्यक्ष अशोक पटेल रणोली, चुनाव प्रभारी वंदना मीणा, पूर्व सभापति केके गुप्ता, संगठन सह प्रभारी नरेंद्र कुमार मीणा, चुनाव संयोजक गुरुप्रसाद पटेल, किसान मोर्चा प्रदेश मंत्री बंशीलाल कटारा,एवं नगर मंडल अध्यक्ष नयन सुथार ने किया। भाजपा महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष राजकुमारी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता रैली में शामिल हुईं। दीपिका बोलीं—सनातन संस्कृति हमारी पहचान रैली के दौरान दीपिका चिखलिया ने मातृशक्ति को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी है और सनातन संस्कृति, राष्ट्रहित तथा महिला सम्मान को लेकर पार्टी लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि डूंगरपुर ने स्वच्छता और विकास के क्षेत्र में देश-दुनिया में अपनी पहचान बनाई है और इस शहर से प्रभावित होकर वह भाजपा के समर्थन में यहां आई हैं। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं से संवाद करते हुए कहा कि भाजपा सरकारों ने महिलाओं के सम्मान, आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण के लिए अनेक योजनाएं शुरू की हैं। महिलाओं के आत्मसम्मान और सुरक्षा को प्राथमिकता देने की दिशा में भाजपा ने काम किया है। उन्होंने मातृशक्ति से नगर परिषद चुनाव में भाजपा प्रत्याशियों को समर्थन देने का आह्वान किया। दीपिका चिखलिया ने जनता को सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति से जुड़े रहने का संदेश देते हुए कहा कि अपनी संस्कृति और परंपराओं पर गर्व करना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। उन्होंने चुनाव में भाजपा के पक्ष में मतदान कर शहर के विकास को गति देने का आह्वान किया। पुराने भाजपा कार्यालय से शुरू हुई रैली स्कूटी रैली का शुभारंभ पुराने भाजपा कार्यालय से हुआ। यहां से महिला कार्यकर्ता स्कूटियों के काफिले के साथ रोडवेज बस स्टैंड पहुंचीं। इसके बाद रैली शहर के प्रमुख मार्गों से होती हुई पुराने शहर में पहुंची। रास्तेभर भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उत्साह के साथ रैली का स्वागत किया। खुली जीप में सवार दीपिका चिखलिया ने हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। रैली पुराने शहर से होते हुए गैप सागर की पाल पहुंची और इसके बाद वापस पुराने भाजपा कार्यालय पहुंचकर इसका समापन किया गया। इस दौरान शहर के सभी 40 वार्डों में भाजपा का चुनावी संपर्क और प्रचार अभियान नजर आया। आचार संहिता का भी रखा ध्यान रैली के दौरान निर्धारित समय पर शाम 5 बजे आदर्श आचार संहिता लागू होने के साथ ही डीजे बंद कर दिया गया। भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने आचार संहिता का पालन करते हुए रैली का समापन किया। रैली में जिला मंत्री अचला वसीता, जिला मंत्री ज्योति शर्मा, जिला आईटी संयोजक अनु राठौड़, नगर उपाध्यक्ष एवं जिला महिला चुनाव प्रभारी भावना राव, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष राजकुमारी, रीटा कुंवर, रेखा पंड्या, नीलम डामोर, नीता कंसारा, माया सुथार सहित बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता और मातृशक्ति मौजूद रही। भाजपा की ओर से इस रैली को नगर परिषद चुनाव में महिला मतदाताओं तक सीधा संपर्क बनाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। रैली के जरिए पार्टी ने सभी 40 वार्डों में चुनावी संपर्क बढ़ाने के साथ महिला शक्ति को पार्टी के पक्ष में लामबंद करने का संदेश दिया। इस दौरान जिला महामंत्री पंकज जैन, सुरमाल परमार, ईश्वर लबाना, दिलीप जैन,अजीत जैन, ब्रजेश वसीटा, करुण ननोमा, वीरेंद्र सिंह, कल्पेश भारती, अनुराग कटारा सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी,कार्यकर्ता मौजूद रहे।  

एक लाख का आरोप लगाने वाले रोहित ने बदला पाला:भाजपा ने मनाए 4 बागी, सभी ने पार्टी प्रत्याशियों को दिया समर्थन

भीलवाड़ा नगर निकाय चुनाव में रविवार भाजपा के लिए राहत भरा रहा। पार्टी ने चार बागी प्रत्याशियों को मनाने में सफलता हासिल की और सभी ने भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन का ऐलान कर दिया। इनमें वार्ड नंबर 49 के भाजपा प्रत्याशी अमित सारस्वत पर नाम वापसी के लिए एक लाख रुपए देने का आरोप लगाने वाले निर्दलीय प्रत्याशी रोहित सेन भी शामिल हैं। रोहित ने अमित सारस्वत के समर्थन में छोड़ा चुनावी मैदान रोहित सेन ने रविवार को पाला बदलते हुए भाजपा प्रत्याशी अमित सारस्वत के समर्थन में चुनावी मैदान छोड़ने की घोषणा की। सांसद दामोदर अग्रवाल ने इसकी पुष्टि करते हुए सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें सेन ने सारस्वत को समर्थन देने की बात कही है। रोहित ने गुरुवार को अमित सारस्वत पर उनके घर जाकर एक लाख रुपए देने का आरोप लगाया था। इस संबंध में उन्होंने भीमगंज थाने में रिपोर्ट देने के साथ निर्वाचन अधिकारी से भी शिकायत की थी। मामले की जांच से पहले ही समर्थन का ऐलान भीमगंज पुलिस इस मामले की जांच कर रही थी। मामले की जांच का खुलासा होता, उससे पहले ही निर्दलीय रोहित ने रविवार को भाजपा प्रत्याशी को समर्थन देने का ऐलान कर दिया। उनके इस फैसले के बाद राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा शुरू हो गई है। वहीं, रोहित के समर्थकों में इस फैसले को लेकर निराशा है, जबकि भाजपा खेमे में उत्साह का माहौल है। सांसद अग्रवाल ने अमित और रोहित के साथ वीडियो बनाया सांसद दामोदर अग्रवाल ने भाजपा प्रत्याशी अमित सारस्वत और निर्दलीय प्रत्याशी रोहित सेन के साथ एक वीडियो जारी किया। उन्होंने कहा कि रोहित भी हमारी पार्टी के कार्यकर्ता हैं और हिंदुत्व के कार्य करते हैं। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी अमित सारस्वत को अपना समर्थन दिया है और निकाय चुनाव में सारस्वत को जीत दिलाने के लिए अपना पूरा सहयोग करेंगे। वीडियो सोशल मीडिया पर साझा होने के बाद वार्ड 49 के साथ दूसरे वार्डों में भी इस समर्थन को लेकर चर्चाएं होती रहीं। वार्ड 41 में आशा सोनी ने प्रीति झुर्रानी को समर्थन दिया वार्ड नंबर 41 सिंधु नगर में भाजपा की बागी प्रत्याशी आशा किशोर सोनी ने भाजपा प्रत्याशी प्रीति झुर्रानी के समर्थन में अपनी उम्मीदवारी वापस लेने का ऐलान किया। भाजपा कार्यालय में प्रशांत मेवाड़ा और सांसद दामोदर अग्रवाल ने माला पहनाकर सोनी का स्वागत किया। वार्ड 61 और 62 में भी बागियों ने छोड़ा मैदान वार्ड नंबर 61 में भाजपा की बागी प्रत्याशी रेखा कांठेड़ ने भाजपा प्रत्याशी पूर्णिमा जैन को समर्थन देने की घोषणा की। वहीं, वार्ड नंबर 62 से भाजपा प्रत्याशी गौतम शर्मा को निर्दलीय प्रत्याशी ने अपना समर्थन दिया है। नामांकन प्रक्रिया और नाम वापसी के बाद रविवार को चार बागी प्रत्याशियों का भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में आना पार्टी के लिए राहत भरा रहा। इससे भाजपा ने अपने बागी प्रत्याशियों को साधने में सफलता हासिल की है।

जोधपुर में शेखावत-गहलोत फैक्टर से कांटे की टक्कर:उदयपुर में कांग्रेस को बागियों से खतरा; पाली में राठौड़ के गढ़ में निर्दलीयों से बदले समीकरण

जोधपुर नगर निगम में 100, उदयपुर में 80 और पाली में 65 वार्ड हैं। अभी तक के समीकरणों में जोधपुर और पाली में कांग्रेस-बीजेपी में टक्कर है। उदयपुर में बीजेपी मजबूत दिख रही है, लेकिन मुकाबला एकतरफा नहीं होगा। जोधपुर में भाजपा से केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और कांग्रेस से 3 बार मुख्यमंत्री रहे अशोक गहलोत की प्रतिष्ठा दांव पर है। उदयपुर में दिग्गज नेता और पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया के 2 दामादों के भाई चुनावी मैदान में हैं। यहां लगातार 6 बार से बीजेपी का बोर्ड है। करीब 12 बागियों ने कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पाली में बीजेपी के प्रदेशाध्यक्ष मदन सिंह राठौड़ की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। पार्टी के कई दिग्गज नेता या तो बागी हैं या विरोधी पार्टी से चुनावी मैदान में हैं। हालांकि, 6 वार्डों में कांग्रेस का कोई प्रत्याशी नहीं होने से बीजेपी की चुनौतियां कुछ कम हैं। जोधपुर मुकाबला शेखावत बनाम गहलोत मुकाबला केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत बनाम पूर्व सीएम अशोक गहलोत नजर आ रहा है। दोनों पार्टियों में कांटे की टक्कर है। भाजपा के दो विधायक अतुल भंसाली और देवेंद्र जोशी भी बोर्ड बनाने के लिए अपनी ताकत लगा रहे हैं। टिकट की पैरवी में इस बार विधायकों के साथ केंद्रीय मंत्री की भी चली। जयपुर में टिकट बंटवारे से पहले संभाग की बैठक में गजेंद्र सिंह शेखावत भी शामिल हुए थे। इधर, कांग्रेस में फ्रंट फुट पर गहलोत के करीबी नेता राजेंद्र सोलंकी (जेडीए के पूर्व चेयरमैन) और पूर्व विधायक मनीषा पंवार पूरी ताकत के साथ लगे हैं। लेकिन पर्दे के पीछे पूरा चुनावी मैनेजमेंट गहलोत ही संभाल रहे हैं। इस बार दोनों पार्टियों ने विधानसभावार जिम्मेदारियां सौंपी हैं। यानी टिकट वितरण और जीत की जिम्मेदारी तय की है। अशोक गहलोत के गढ़ सरदारपुरा विधानसभा क्षेत्र के वार्डों की जिम्मेदारी बीजेपी ने जेडीए के पूर्व चेयरमैन महेंद्र राठौड़ को सौंपी है। वहीं कांग्रेस से राजेंद्र सोलंकी इसकी कमान संभाल रहे हैं। कांग्रेस की माइनॉरिटी और एससी-एसटी वोटरों में मजबूत पकड़ है, वहीं भाजपा जनरल वोटर के सहारे है। गहलोत फैक्टर के चलते ओबीसी वोटर दोनों पार्टियों में बंटा हुआ है। हालांकि एक निगम पर चुनाव होने से कांग्रेस की चुनौतियां बढ़ेंगी, क्योंकि पिछली बार दो निगम थे। एक में बीजेपी और एक में कांग्रेस का बोर्ड था। तब प्रदेश में कांग्रेस की सत्ता होने के चलते परिसीमन में वार्डों की सीमा तय करने में पक्षपात के आरोप लगे थे। जातिगत प्रभाव: जोधपुर नगर निगम की 25 प्रतिशत सीटों पर जीत-हार ओबीसी वोटर तय करते हैं। इनमें माली, जाट, घांची जैसी जातियां आती हैं। निगम चुनाव में दोनों पार्टियों को इस जातिगत वोट बैंक का बराबर लाभ मिलता दिख रहा है। निगम के 3 बड़े मुद्दे उदयपुर दिग्गज नेता और उनके करीबी मैदान में मेयर के लिए ओपन सीट होने से यहां कई बड़े नेता खुद और उनके रिश्तेदार चुनावी मैदान में कूद गए हैं। मेवाड़ के कद्दावर नेता और पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया के दोनों दामाद के भाई अतुल चंडालिया और आकाश वागरेचा पार्षद का चुनाव लड़ रहे हैं। भाजपा के पूर्व शहर अध्यक्ष दिनेश भट्ट, सहकारिता प्रदेश संयोजक प्रमोद सामर, पूर्व डिप्टी मेयर पारस सिंघवी और महेंद्र सिंह शेखावत चुनावी मैदान में हैं। वहीं, कांग्रेस से शहर अध्यक्ष फतहसिंह राठौड़ की पत्नी डॉ. पूनम कुंवर और पूर्व मेयर पद प्रत्याशी अरुण टांक शामिल हैं। भाजपा में उदयपुर सांसद डॉ. मन्नालाल रावत, शहर विधायक ताराचंद जैन, ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा से लेकर शहर भाजपा अध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़ की प्रतिष्ठा दांव पर है। कांग्रेस से शहरी वार्डों में शहर अध्यक्ष फतहसिंह राठौड़ और ग्रामीण वार्डों में देहात अध्यक्ष व पूर्व सांसद रघुवीर सिंह मीणा पूरी ताकत लगा रहे हैं। टिकट बंटवारे में बीजेपी ने सभी गुटों को साधा। उदयपुर शहर अध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़, सांसद-विधायकों के करीबी और गुलाबचंद कटारिया गुट के लोगों को भी टिकट मिले हैं। कांग्रेस में रघुवीर मीणा और फतहसिंह राठौड़ ने मिलकर ​प्रदेश नेताओं की सहमति से टिकट बांटे हैं। बागी फैक्टर : कांग्रेस 22 बागियों में से 10 को मनाने में कामयाब रही, लेकिन अभी भी 12 बागी उसके लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं। इधर, भाजपा में महज एक बागी ही चुनावी मैदान में है, जो उदयपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के विधायक फूलसिंह मीणा के वार्ड से है। बीजेपी नेता 7वीं बार बोर्ड बनाने का दावा कर रहे हैं। वहीं कांग्रेस के जिला अध्यक्ष फतहसिंह राठौड़ का कहना है- आयड़ नदी और 272 प्लॉट घोटाला बड़ा मुद्दा बनेगा और बदलाव होगा। जातिगत प्रभाव : यहां जैन, ब्राह्मण वर्ग बड़ा है जो परंपरागत रूप से एकजुट होकर वोट कर सकता है। इसके बाद यहां पर मुस्लिम वोटर आते हैं जो कुछ वार्डों में गणित तय करते हैं। साथ ही ओबीसी, राजपूत, सिंधी वोटर का भी प्रभाव है जो अलग-अलग वार्डों में जीत-हार में अहम भूमिका निभाते हैं। निगम के सबसे बड़े मुद्दे पाली 6 वार्डों में कांग्रेस का प्रत्याशी नहीं, दोनों पार्टियों में पुराने नेताओं के टिकट कटे पाली नगर निगम के 6 वार्डों में कांग्रेस का प्रत्याशी ही नहीं है। 3 के सिंबल जमा नहीं हुए, 3 के नामांकन रद्द हो गए। वार्ड 55 से कांग्रेस प्रत्याशी ने भाजपा जॉइन कर ली। इससे कांग्रेस की चुनौती शुरुआत में ही कमजोर पड़ती दिखती है। बीजेपी को इन 7 वार्डों से लीड मिल सकती है। लेकिन पूर्व सभापति (2007) राकेश भाटी के नॉमिनेशन से पहले कांग्रेस का हाथ थामने से बीजेपी को भी कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। भाटी वार्ड 32 से चुनाव लड़ रहे हैं। दोनों पार्टियों में पुराने नेताओं के टिकट कटने से बागी फैक्टर भी मजबूत हो गया है। चर्चा है कि पाली में बिना निर्दलीय कोई भी पार्टी बोर्ड नहीं बना पाएगी। भाजपा से पूर्व विधायक ज्ञानचंद पारख, जिलाध्यक्ष सुनील भंडारी और सांसद पीपी चौधरी पूरा चुनावी मैनेजमेंट संभाल रहे हैं। गृह जिला होने के चलते पार्टी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ की प्रतिष्ठा दांव पर है। राठौड़ लगातार फीडबैक जुटा रहे हैं। कांग्रेस से जिलाध्यक्ष शिशुपालसिंह निंबाड़ा, विधायक भीमराज भाटी ग्राउंड लेवल पर चुनावी मैनेजमेंट देख रहे हैं। वहीं, लोकसभा प्रत्याशी रहीं संगीता बेनीवाल, पूर्व सभापति प्रदीप हिंगड़, शहर अध्यक्ष हकीम भाई, पीसीसी सदस्य महावीरसिंह सुकरलाई भी ताकत लगा रहे हैं। जातिगत प्रभाव : पाली नगर निगम क्षेत्र में सबसे ज्यादा ओबीसी वोटर हैं, जो जीत-हार तय करते हैं। इनमें सीरवी, वैष्णव, घांची, माली, कुमावत, सुथार, प्रजापत सहित अन्य जातियां शामिल हैं। कुछ वार्ड अल्पसंख्यक बहुल हैं, जहां कांग्रेस का दबदबा है। कई वार्डों में अल्पसंख्यक जैन अच्छी तादाद में हैं, जिन्हें बीजेपी का कोर वोटर माना जाता है। निगम के सबसे बड़े मुद्दे इनपुट सहयोग : पाली से ओम टेलर और उदयपुर से मुकेश हिंगड़ … 4 निगमों की ग्राउंड रिपोर्ट भी पढ़ें… भीलवाड़ा में पूर्व मंत्री सहित 2 नेता चुनाव से गायब:अजमेर में वासुदेव देवनानी को चुनौती, कोटा में बिरला और धारीवाल-गुंजल की प्रतिष्ठा दांव पर कोटा नगर निगम में 100, अजमेर-बीकानेर में 80-80 और भीलवाड़ा में 70 वार्ड हैं। अभी तक के समीकरणों में चारों निगम में भाजपा मजबूत दिख रही है, हालांकि मुकाबला एकतरफा भी नहीं है…(CLICK कर पूरा पढ़ें)