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राजस्थान निकाय चुनाव की री-पोलिंग में कांग्रेस 6 सीटें जीती:भाजपा की 3 में जीत; जयपुर के पुर्नमतदान में BJP सभी 4 वार्ड हारी

जयपुर, जोधपुर और कोटा नगर निगम के साथ सुकेत (कोटा) नगर पालिका के 9 वार्ड का रिजल्ट आज घोषित हो गया है। इन वार्ड के 10 बूथ की ईवीएम में खराबी के बाद बुधवार को री-पोलिंग हुई थी। आज आए रिजल्ट में नगर निगम के 5 वार्ड में कांग्रेस और तीन वार्ड में भाजपा कैंडिडेट जीते हैं। सुकेत नगर पालिका के वार्ड में कांग्रेस ने जीत दर्ज की है। री-पोलिंग के कारण जयपुर, जोधपुर और कोटा नगर निगम में मेयर-डिप्टी मेयर के चुनाव भी कैंसिल कर दिए गए थे। पहले ये चुनाव और 21 और 22 सितंबर को शेड्यूल थे। सुकेत नगर पालिका में भी कांग्रेस जीती कोटा की सुकेत नगर पालिका के वार्ड नंबर-4 के भी एक बूथ पर बुधवार को री-पोलिंग हुई थी। आज आए परिणाम में इस वार्ड से कांग्रेस मोहम्मद रफीक ने जीत दर्ज की है। उन्होंने भाजपा के सत्यराम को 117 वोटों से हराया है। जल्द हो सकती है मेयर-डिप्टी मेयर के चुनाव की घोषणा री-पोलिंग के कारण आयोग ने 14 सितंबर को इन तीनों नगर निगम में मेयर-डिप्टी मेयर के चुनाव स्थगित कर दिए थे। री-पोलिंग के रिजल्ट के बाद इन यहां मेयर-डिप्टी मेयर के चुनाव का शेड्यूल जल्द ही घोषित हो सकता है। जयपुर और कोटा नगर निगम में भाजपा के पास बहुमत है। वहीं, जोधपुर में री-पोलिंग के रिजल्ट के बाद भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बन गई है। भाजपा के पास सबसे ज्यादा सीटें राजस्थान की 10 नगर निगम की 856 पार्षद सीट के लिए 9 और 11 सितंबर को वोटिंग हुई थी। इनमें से 848 सीटों के नतीजे 14 सितंबर को घोषित किए थे। जबकि 8 वार्ड के नतीजे री-पोलिंग के कारण गुरुवार को घोषित किए गए। कुल 856 सीटों में से भाजपा के पास 406 और कांग्रेस के पास 312 सीटें हैं। जबकि 138 सीटों पर निर्दलीय व अन्य पार्टियों ने जीत दर्ज की थी। …. निकाय चुनावों की ये खबरें भी पढ़िए… पूर्व मंत्री के भतीजे को मेयर उम्मीदवार बनाने पर बगावत:विधायक के भाई को पीटा, 4 निगमों में निर्दलीयों की मान-मनोव्वल; 6 जगह भाजपा की निर्विरोध जीत तय राजस्थान में बुधवार को 305 निकायों में मेयर, चेयरमैन और पालिकाध्यक्ष के लिए नामांकन की प्रक्रिया पूरी हो गई। बीकाने में कांग्रेस ने पूर्व मंत्री बीडी कल्ला के भतीजे अनिल कल्ला को मेयर कैंडिडेट बनाया है। पूरी खबर पढ़िए…

कोटा निगम के दो वार्डों में बीजेपी,एक में कांग्रेस जीती:सुकेत नगरपालिका के वार्ड-4 में कांग्रेस ने बाजी मारी, बुधवार को 4 बूथों पर हुई थी री-पोलिंग

कोटा नगर निगम के तीन वार्डों में बुधवार को दोबारा हुई वोटिंग की आज काउंटिंग हुई। आज सुबह 8 बजे काउंटिंग शुरू हुई थी। एक घंटे के अंदर रिजल्ट आ गया। तीन में से बीजेपी ने दो और कांग्रेस ने एक सीट पर कब्जा किया है। वहीं सुकेत नगरपालिका के वार्ड-4 में कांग्रेस ने जीत हासिल की है। बता दें कि नगर निकाय चुनाव के दौरान ईवीएम में तकनीकी खराबी के कारण कोटा नगर निगम के तीन वार्डों के तीन बूथ और सुकेत नगर पालिका के वार्ड 4 के एक बूथ पर का मतदान स्थगित कर दिया गया था। जिसकी बुधवार 16 सितंबर को दोबारा वोटिंग हुई थी और आज वोटों की गिनती हुई। नगर निगम के 3, नगरपालिका के 1 वार्ड में हुआ था दोबारा मतदान कोटा निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि काउंटिंग वाले दिन टेक्निकल प्रॉब्लम होने की वजह से दोबारा से मतदान तीन बूथों की करवाई गई थी। आज की मतगणना हो चुकी है जिसमें दो पर बीजेपी में जीत दर्ज की।एक पर कांग्रेस के प्रत्याशी ने जीत दर्ज की है। वार्ड 44 और 87 में बीजेपी, वार्ड 11 में कांग्रेस के प्रत्याशी ने जीत दर्ज की है। जबकि सुकेत नगर पालिका के वार्ड नंबर 4 से कांग्रेस प्रत्याशी 117 वोटो से जीते। री-पोलिंग वाले कोटा नगर निगम के वार्ड 11, 44 और 87 के एक-एक बूथ पर बुधवार शाम 6 बजे तक मतदान हुआ था। तीनों बूथों पर कुल मतदान प्रतिशत 76.89 प्रतिशत रहा। वार्ड 11 के बूथ पर 507, वार्ड 44 में 920 और वार्ड 87 के बूथ पर 742 वोट डाले गए। वहीं सुकेत नगर पालिका के वार्ड 4 के बूथ पर 746 मतदाताओं ने मतदान किया। यहां मतदान प्रतिशत 77.15 रहा। सुबह 6 बजे से कलेक्ट्री में पुलिस जाब्ता रहेगा। मतगणना को लेकर पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था पूरी कर ली है। कलेक्ट्री परिसर में सुबह 6 बजे से ही भारी पुलिस जाब्ता तैनात रहेगा। मतगणना स्थल पर प्रवेश के लिए जांच और पहचान पत्र की व्यवस्था रहेगी। प्रशासन की ओर से मतगणना प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से कराने के लिए आवश्यक इंतजाम किए गए हैं। वार्ड 44 में फर्जी मतदान के आरोप पर हुआ था विवाद बुधवार को री-पोलिंग के दौरान वार्ड 44 के बूथ पर फर्जी मतदान के आरोप को लेकर भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए थे। दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई थी। विवाद बढ़ता देख पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों गुटों को अलग किया और स्थिति को नियंत्रित किया। वार्ड 87 में भी मतदान के दौरान हंगामा वार्ड 87 के बूथ पर भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच नारेबाजी और धक्का-मुक्की हुई थी। इस दौरान कुछ कार्यकर्ताओं के चोटिल होने की बात सामने आई थी। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया था कि मतदान केंद्र पर मौजूद भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस कार्यकर्ता के साथ मारपीट की। महिला कांग्रेस कोटा शहर जिलाध्यक्ष शालिनी गौतम के साथ भी धक्का-मुक्की का आरोप लगाया गया था।

सभापति का पर्चा भरते ही 'बत्ती गुल':बाड़ाबंदी में 'शादी की 50वीं एनिवर्सरी'; 'जीमने घर नहीं बुलाया तो हरा दिया'

नमस्कार, अलवर में हारे हुए पति-पत्नी प्रत्याशी ने पोस्ट लिखकर आरोप लगाया- सीनियर नेताओं को घर जीमने नहीं बुलाया तो हरा दिया। सीकर में विधायकजी की मौजूदगी में बाड़ेबंदी में ही विजेता पार्षद की शादी की 50वीं सालगिरह धूमधाम से मनाई गई। अजमेर में प्रत्याशी सभापति का पर्चा भरने पहुंचा तो बत्ती गुल हो गई। राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में… 1. जीमने नहीं बुलाया तो हरा दिया चुनाव जीतना है तो सीनियर नेताओं को पारिवारिक प्रोग्राम में जीमने का न्योता जरूर दें। पक्की बात है। न्योता नहीं दिया तो रिजल्ट बिगड़ सकता है। अलवर में हारे हुए प्रत्याशी पति-पत्नी ने यही आरोप लगाया। दोनों ने बढ़िया प्रचार किया था। गली-गली ढोल-ताशे गुंजा दिए थे। दोनों को पार्षदी का अनुभव। वार्ड 23 से पत्नी तो वार्ड 28 से पतिदेव पार्षद का चुनाव लड़ रहे थे। जीत की पूरी उम्मीद थी। उनके कार्यालय पर महिलाओं ने गीत भी गाया था- यां के वोटन की बीमारी और कछु ना है। यानी इन्हें तो वोटों की बीमारी है और कुछ नहीं है। नतीजा आया तो मियां-बीवी दोनों हार गए। हार के बाद मैडम के सोशल मीडिया से एक पोस्ट आई। लिखा- पार्टी के सीनियर नेताओं को पारिवारिक प्रोग्राम में जीमने नहीं बुलाया। इसलिए हरा दिया। पोस्ट पर हल्ला मचा तो तुरंत सफाई भी दे डाली। लिखा- भावावेश में पोस्ट हो गई। पोस्ट को डिलीट कर दिया गया। हालांकि हार से दोनों भरे बैठे हैं। एक यूजर ने कमेंट कर दिया कि हार के बाद भी घमंड नहीं टूटा। इस पर यूजर को जमकर भला-बुरा कहा गया। लिखा- हाथी ऐसे ही चलेंगे और कुत्ते ऐसे ही भोंकेंगे। खैर, राजनीति में हार जीत चलती रहती है। नेताओं को हार से सबक लेना चाहिए और जीत पर घमंड नहीं करना चाहिए। सौ बात की एक बात ये कि परिवार में जीमने का कार्यक्रम हो तो सीनियर नेताओं को न्योता देना न भूलें। 2. बाड़ाबंदी में ‘शादी की 50वीं एनिवर्सरी’ रेवती देवी और जगदीश सैनी की शादी की 50वीं सालगिरह यादगार बन गई। हालांकि दोनों ने परिवार को मिस किया, लेकिन साथियों ने कमी नहीं रहने दी। दरअसल कांग्रेस की रेवती देवी सीकर के नीमकाथाना में वार्ड 24 से जीत गई। पार्टी नेताओं ने एक होटल में प्रत्याशियों की बाड़ेबंदी कर दी। रेवती के साथ उनके पति जगदीश सैनी भी थे। पता चला कि रेवती देवी और जगदीश जी की शादी की 50वीं सालगिरह है। इस मौके को यादगार बनाने के लिए कांग्रेस प्रत्याशियों ने पूरा जोर लगा दिया। होटल के खुले परिसर में गीत संगीत का इंतजाम किया गया। केक काटा गया। दूल्हा-दुल्हन की दो राजशाही कुर्सियां लगाई गईं। साथियों ने खूब गाने गाए। जगदीश जी ने जबरदस्त डांस किया। विधायक सुरेश मोदी ने भी ताली बजाकर हौसला बढ़ाया। नाचने वालों में कोई पूर्व चेयरमैन तो कोई सभापति प्रत्याशी। पति पत्नी ने एक दूसरे को माला पहनाई। फिर मिलकर ‘बाबुल की दुआएं लेती जा’ पर खूब कदमताल की। मंच का संचालन कर रहे साथी ने भी धमाल मचाने में कसर नहीं छोड़ी। 3. चलते-चलते… चुनाव में किसी न किसी की बत्ती गुल होती ही है। लेकिन अजमेर के किशनगढ़ में सचमुच ही बत्ती गुल हो गई। विधायक विकास चौधरी अपने प्रत्याशी को सभापति का पर्चा भराने पहुंचे थे। अधिकारी के सामने पहुंचे और बत्ती गुल हो गई। सभागार अंधेरे में डूब गया। पत्रकारों ने कैमरे की लाइट और मोबाइल की टॉर्च जला दी। पर्चा चेक करने लायक रोशनी का इंतजाम हो गया। उसी रोशनी में अधिकारी ने पर्चे को जांचा परखा। फिर पास कर दिया। फोटो सेशन में भी कैमरे की लाइट और मोबाइल की टॉर्च वाली तकनीक अपनाई गई। फोटो खिंचाकर विधायक और प्रत्याशी बाहर निकले। गेट पर विधायक जी बोले- देखिए कैसी विडंबना है। सभापति का फॉर्म भरने आए और लाइट काट दी। पत्रकारों का आभार है। अगर आपके मोबाइल की टॉर्च न होती तो हम नामांकन भी शायद नहीं भर पाते। यहां विधायक है, उपखंड अधिकारी हैं, दूसरे अधिकारी हैं, सभापति का पर्चा भरा जा रहा है तब लाइट काटी जा रही है तो आम आदमी की क्या ही स्थिति होगी? सभागार में एक जनरेटर तक नहीं है। विधायक जी भावना में बहकर ये भी कह गए- अब आप देख लीजिए कि आने वाला बोर्ड क्या काम करेगा। कहने के बाद संभले कि बोर्ड तो अपना भी बन सकता है। फिर संभावना जताई- हमें उम्मीद है कि दूसरे खेमे के असंतुष्ट पार्षद अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनकर हमारा साथ देंगे। निर्दलीयों से संवाद कायम है ही। बाकी सरकारें बदलती रहती हैं। यहां भी मौसम बदलेगा और किशनगढ़ का मिजाज बदलेगा। इनपुट सहयोग- उमेश शर्मा (नीमकाथाना, सीकर), धर्मेंद्र यादव (अलवर), रोहित पारीक (किशनगढ़, अजमेर) वीडियो देखने के लिए सबसे ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल सुबह 7 बजे मुलाकात होगाी।

सिस्टम देख रहा, ठग आंखों के सामने पैसा निकाल रहे:रात 8 बजे बाद इनसे निपटना बड़ी चुनौती, बैंककर्मी नहीं होने के कारण परेशानी

राजस्थान में शाम 8 बजे के बाद साइबर ठगी का पैसा होल्ड करवा पाना पुलिस के लिए चुनौती बन गया है। वजह है पुलिस मुख्यालय में संचालित हाइटेक 'राजस्थान साइबर क्राइम कंट्रोल सेंटर' (R4C) में रात के समय बैंक प्रतिनिधि का नहीं होना। हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत होते ही पुलिस यह तो तुरंत पता लगा लेती है कि पीड़ित का पैसा कब कहां- कौनसे अकाउंट में ट्रांसफर हो रहा है। लेकिन रात 8 बजे के बाद बैंक प्रतिनिधि उपलब्ध नहीं होने के चलते पैसा होल्ड कर पाना चुनौती बना हुआ है। आखिर कैसे साइबर ठग चकमा देने में कामयाब हो रहे हैं? पढ़िए इस स्टोरी में... 30 लोगों की टीम, रात में बैंककर्मी नहीं साइबर ठगी रोकने के लिए हेल्पलाइन नंबर 1930 का सेंट्रलाइज्ड आर 4 सी सेंटर पुलिस मुख्यालय में 6 महीने पहले शुरू हुआ था। सेंटर में पुलिस के साइबर एक्सपर्ट और बैंक के करीब 30 लोगों की ड्यूटी है करीब 8-10 नेशनल और बड़े बैंकों के प्रतिनिधि अपने बैंकिंग आवर्स में ड्यूटी देते हैं। एडीजी साइबर क्राइम वीके सिंह ने बताया कि 1930 पर ठगी की शिकायत आने के बाद उसकी जानकारी बैंक के सेंट्रल सिस्टम को भेजी जाती है। इसके बाद बैंक रकम को फ्रीज करता है। इसके लिए 2 तरीके हैं। एक तो सिस्टम ऑटोमैटिक ही उन खातों को ट्रेस करता है रकम होल्ड कर देता है। इसे ऑटोमेटिक लियन कहते हैं। लेकिन कई बार ऑटोमैटिक लियन नहीं लग पाता यानी ऑटोमेटिक तरीका काम नहीं करता, उस कंडीशन में पुलिस बैंक प्रतिनिधि की मदद से मैनुअली पैसा होल्ड करवाती है। इसे मैनुअल लियन कहते हैं। दिन में तो बैंकों के प्रतिनिधि उपलब्ध रहते हैं, इसलिए काम में आसानी रहती है। लेकिन रात 8 बजे से सुबह 9 बजे तक और छुट्टी के दिनों में बैंक प्रतिनिधि उपलब्ध नहीं होने पर परेशानी आती है। हाल ही में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें पुलिस कुछ ही रकम होल्ड करवा पाई। इन 2 मामलों से समझिए कैसे रात में पुलिस हो जाती है बेबस… केस-1 : 2.5 करोड़ की डिजिटल अरेस्ट, 14 लाख ही होल्ड जयपुर में 90 वर्षीय रिटायर्ड जिला जज को कथित तौर पर 15 दिन तक डिजिटल अरेस्ट में रखकर करीब 2.5 करोड़ रुपए की ठगी की गई। आरोपी खुद को CBI और RBI अधिकारी बताते रहे। शिकायत होने के बाद पुलिस ने तुरंत पैसा होल्ड करना शुरू किया। करीब 14 लाख रुपए होल्ड कराने में सफल भी रही। लेकिन बाकी रकम करीब 2 करोड़ 35 लाख रुपए ठग USDT में कन्वर्ट कर चुके थे। केस-2 : अजमेर की 82 वर्षीय महिला, 80 लाख 150 खातों में अजमेर की 82 वर्षीय महिला से डिजिटल अरेस्ट के नाम पर करीब 80 लाख रुपए ठगे गए। जांच में सामने आया कि रकम एक खाते में पहुंचने के बाद तेजी से 150 से ज्यादा बैंक खातों में ट्रांसफर हुई। कुछ पैसा USDT में कन्वर्ट हो चुका था। घटना के 6 घंटे बाद इसकी शिकायत 1930 हेल्पलाइन पर मिली। रकम फ्रीज कराने का प्रयास किया गया। लेकिन तब तक रात हो चुकी थी। बैंक की ओर से समय पर लियन नहीं लगने के कारण रकम होल्ड नहीं हो सकी। ऐसे में महज कुछ लाख रुपए ही रिकवर हो पाए थे। ‘सिस्टम में पैसा जाते दिखता है’ एडीजी वीके सिंह ने बताया- साइबर ठगी होने के बाद ठग उस पैसों को एक के बाद एक 3 से 4 खातों में ट्रांसफर करते हैं। कई मामलों में पूरा पैसा क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर विदेश बैठे ठगों तक पहुंचा दिया जाता है। सिस्टम यह पता लगा सकता है कि पैसा किस खाते में पहुंचा, वहां से किस खाते में गया और कहां से निकाला गया। लेकिन बैंकिंग स्तर पर रकम को तत्काल रोकने में परेशानी आती है। एडीजी के मुताबिक, अगर बैंक की ओर से 24x7 कर्मचारी उपलब्ध करा दिए जाएं तो करीब 30% अतिरिक्त रकम को ठगों तक पहुंचने से रोका जा सकता है। पुलिस चाहती है 24x7 बैंकिंग रिस्पॉन्स सिस्टम एडीजी वीके सिंह ने बतयाा कि पुलिस चाहती है कि बैंक केवल कामकाजी घंटों में नहीं, बल्कि 24 घंटे सेंट्रलाइज्ड साइबर फ्रॉड रिस्पॉन्स सिस्टम (CFCFRMS) उपलब्ध कराएं। इससे आर4सी से बैंक को सूचना मिलते ही किसी शाखा के खुलने या स्थानीय बैंक कर्मचारी के ड्यूटी पर आने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। राजस्थान में पुलिस पहले भी बैंकों से साइबर मामलों में तेज कार्रवाई और छुट्टी के दिनों में सहायता की मांग कर चुकी है।

आज 23-जिलों में बारिश का अलर्ट, श्रीगंगानगर में तेज बरसात:पारा 40 डिग्री के ऊपर; 3 दिन बाद शुरू होगी मानसून की विदाई

राजस्थान में आज भी 23 जिलों में तेज बरसात का यलो अलर्ट है। बुधवार को भी कई जिलों में छितराई बारिश हुई। राजसमंद, पाली, करौली, जोधपुर, बीकानेर, श्रीगंगानगर समेत कई ​इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। श्रीगंगानगर में तूफानी बारिश के साथ ओले गिरे। मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर ने 19 सितंबर से मानसून की विदाई शुरू होने की संभावना जताई है। वहीं, सितंबर में भी तापमान 40 डिग्री के करीब बना हुआ है। प्रदेश में बारिश की स्थिति राजस्थान में मौसम की तस्वीर… मानसून के बड़े अपडेट्स कैसा रहा मौसम: पिछले 24 घंटे राजसमंद, सीकर, ब्यावर, करौली, कोटा, जोधपुर, श्रीगंगानगर, बीकानेर, पाली 2 इंच तक पानी बरसा। वहीं, श्रीगंगानगर, बीकानेर में बारिश के साथ तेज हवा चली। कुछ जगहों पर ओले गिरे। बीकानेर संभाग में तेज गर्मी: बीकानेर संभाग के जिलों में बुधवार को तेज गर्मी रही। दिन में सबसे ज्यादा तापमान झुंझुनूं के पिलानी में 40.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। श्रीगंगानगर चूरू में 39.8, बीकानेर में 39.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ आगे कैसा रहेगा मौसम राजस्थान के प्रमुख जिलों में मौसम का हाल जयपुर: बुधवार को मौसम साफ रहा और छितराए बादल रहे। इस कारण जयपुर में हल्की धूप रही और गर्मी कंट्रोल रही। यहां अधिकतम तापमान 34.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। मौसम विभाग ने जयपुर में आज बारिश की संभावना जताई है और यलो अलर्ट जारी किया है। कोटा: दिन में हल्की धूप खिली। दोपहर बाद हल्के बादल छाए। इसके बाद नयापुरा इलाके में रिमझिम बारिश हुई। इससे तापमान में मामूली बदलाव हुआ। अधिकतम तापमान 33.9 और न्यूनतम 25.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। आने वाले दिनों में भी बारिश की संभावना है। अजमेर: बुधवार को दिनभर तेज धूप के चलते उमस और गर्मी से लोग परेशान रहे। अधिकतम तापमान 33.9 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन चढ़ने के साथ धूप तेज होने से उमस बढ़ गई। अलवर: बुधवार सुबह से मौसम सामान्य रहा। शहर का अधिकतम तापमान 37.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। मौसम विभाग ने बारिश की संभावना जताई थी, लेकिन मौसम साफ रहा। विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में बारिश हो सकती है। सीकर: बुधवार को पूरे दिन तेज धूप रही। हालांकि बीच-बीच में हल्के बादल छाए। सीकर से मानसून की अब लगभग विदाई हो चुकी है। अगले 2 दिनों में भी तेज बारिश का कोई अलर्ट नहीं है। सीकर में दिन का अधिकतम तापमान 38.0 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25.4 डिग्री दर्ज किया गया। जोधपुर: शहर का अधिकतम तापमान 36.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जो सामान्य तापमान से 2.3 डिग्री अधिक रहा। वहीं, न्यूनतम तापमान 25.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। जो सामान्य से 0.5 डिग्री अधिक रहा। मौसम विभाग ने आने वाले दो-तीन दिन में बारिश की संभावना जताई है। उदयपुर: बुधवार को मौसम साफ रहा। बीच-बीच में बादल छाए। दिनभर धूप खिली रही। बीते तीन दिन से रुक-रुकर हो रही बारिश का दौर बुधवार को थम गया। दिन के तापमान में 4.6 डिग्री सेल्सियस की भारी बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। अधिकतम तापमान 31.0 डिग्री सेल्सियस रहा।

खाली स्टेडियम-पूल भी भरेंगे तिजोरी:स्पोर्ट्स काउंसिल अनुपयोगी स्टेडियम, मैदान, हॉल किराए पर देगा

राजस्थान राज्य स्पोर्ट्स काउंसिल ने प्रदेशभर में लंबे समय से उपयोग में नहीं आ रही अपनी खेल संपत्तियों को आय का माध्यम बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। स्पोर्ट्स काउंसिल की ‘अनुपयोगी खेल बुनियादी ढांचे के उपयोग की नीति’ के तहत सभी जिलों में ऐसी संपत्तियों को चिन्हित कर उनका व्यावसायिक और खेल गतिविधियों के लिए उपयोग करने की योजना तैयार की गई है। इस योजना के अनुसार, छह महीने या उससे अधिक समय से किसी उपयोग में नहीं आने वाली जगह को अनुपयोगी मान कर किराए पर देकर कमाई करेगी स्पोर्ट्स काउंसिल। इस दायरे में सिर्फ मैदान और स्टेडियम ही नहीं, बल्कि जिम, स्विमिंग पूल, इंडोर हॉल, बैडमिंटन-टेनिस कोर्ट, शूटिंग व आर्चरी रेंज, कैंटीन, डॉर्मिटरी, कॉन्फ्रेंस हॉल, पार्किंग, विज्ञापन स्थल और ओपन लैंड भी शामिल हैं। खाली जमीन पर अस्थायी खेल सुविधाएं, फिटनेस कैंप, खेल मेले, बच्चों के प्ले जोन, आउटडोर फिटनेस और सीमित अवधि के फूड स्टॉल जैसी गतिविधियों की अनुमति दी जा सकती है। स्थायी व्यावसायिक निर्माण और ऐसे उपयोग जिनसे खेल परिसर का स्वरूप प्रभावित हो, प्रतिबंधित रहेंगे। परिषद इसके लिए निजी कंपनियों, फर्मों, सोसायटी, ट्रस्ट, खेल संघों, एनजीओ और अन्य पात्र संस्थाओं को पारदर्शी टेंडर प्रक्रिया से मैनेजमेंट ऑपरेटर के रूप में जोड़ सकेगी। बड़े स्टेडियम, स्विमिंग पूल और खेल परिसरों को तय अवधि के लिए संचालन एवं रखरखाव सहित सौंपने, जबकि छोटे कोर्ट, कैंटीन, पार्किंग या अन्य सुविधाओं को लाइसेंस का प्रावधान है। प्रतियोगिताओं, प्रशिक्षण शिविरों और अन्य आयोजनों के लिए सुविधाएं अल्प अवधि के लिए किराये पर भी दी जा सकेंगी। आय बढ़ाने के लिए फिक्स्ड लाइसेंस फीस, राजस्व में हिस्सेदारी, हाइब्रिड मॉडल, आयोजन शुल्क और नैमिंग राइट्स जैसे विकल्प रखे गए हैं। प्रमुख स्टेडियम और स्विमिंग पूल में न्यूनतम 25 प्रतिशत, छोटे खेल मैदानों में 20 प्रतिशत और खुले स्थानों में 15 प्रतिशत सकल राजस्व हिस्सेदारी का प्रावधान है। कैंटीन-डॉर्मिटरी जैसी व्यावसायिक सुविधाओं में यह न्यूनतम 30 प्रतिशत तक होगी। कहां-कहां खर्च होगी कमाई

संघ की नजर परकोटे पर:कोठारी-कर्णावट के बीच विजय अग्रवाल की एंट्री विधायक क्षेत्र से मेयर नहीं चाहते, ढूंढाड़ी बोली का पेंच भी फंसाया

नगर निगम के 150 में से 146 वार्डों के नतीजे आ चुके हैं। भाजपा 78 सीटों के साथ बहुमत का आंकड़ा पार कर चुकी है, कांग्रेस के 53 और निर्दलीयों के 15 पार्षद जीते हैं। अब सवाल एक ही है- जयपुर का अगला महापौर कौन होगा? लेकिन अब मेयर की दौड़ एक-दो नामों तक सीमित नहीं है। परकोटे और वैश्य समाज के समीकरण से शुरू हुई चर्चा में अब अनुभव, संगठन, विधानसभा क्षेत्र और ‘जयपुर लोकल’ का नया पैमाना भी जुड़ गया है। इसी बीच वार्ड-31 से जीते सीए विजय अग्रवाल का नाम सामने आने के बाद विधायक गोपाल शर्मा ने तर्क दिया है- ‘जो ढूंढाड़ी बोलेगा, जयपुर की नब्ज भी पहचाने वही मेयर बने।’ ऐसे में अब परकोटा बनाम नया जयपुर का समीकरण भी बन गया है। नया कार्ड; मेयर ऐसा हो, जिसे जयपुर की गलियां और भाषा दोनों पता हों टिकट वितरण से पहले से कोठारी चर्चा में वैश्य समाज के समीकरण में सबसे मजबूत नाम वार्ड-112 से जीते सुनील कोठारी का है। इनका नाम लॉटरी खुलने के बाद से चर्चा में है। उन्हें टिकट देकर संकेत भी दिया था और अब वे चुनाव जीत भी गए हैं। कोठारी क्यों? जिलाध्यक्ष रह चुके, संगठन पर पकड़। संघ परिवार के करीबी। वैश्य समाज का बड़ा नाम। कांग्रेस सरकार का जयपुर को दो हिस्सों में बांटने का विरोध सफल रहा। पुनीत भी शुरू से ही मेयर के दावेदार मेयर की दौड़ में पूर्व डिप्टी मेयर पुनीत कर्णावट का नाम पहले से है। भाजपा की सूची में मालवीय नगर के वार्ड-76 से कर्णावट को टिकट मिला था और वे चुनाव जीत गए हैं। कर्णावट क्यों? उदयपुर मॉडल का तर्क देकर जयपुर में डिप्टी मेयर रह चुके चेहरे को ही मेयर बनाने की संभावना। कामकाज, प्रशासनिक तंत्र व पार्षदों की राजनीति समझते हैं। विजय अग्रवाल ने दो दिन में बदले समीकरण पिछले दो दिनों में सामने आए एक नए नाम ने समीकरण बदल दिए हैं। यह नाम झोटवाड़ा विधानसभा के वार्ड-31 से जीते सीए विजय अग्रवाल का है। हालांकि इस लॉबिंग की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अग्रवाल क्यों?- दिल्ली स्तर पर एक केंद्रीय मंत्री और संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी सीए विजय अग्रवाल के पक्ष में हैं। वैश्य समाज का युवा चेहरा। सीधा राजनीतिक विरोध नहीं। माहेश्वरी समाज ने बढ़ाया सिंगी का नाम सिविल लाइंस के वार्ड-98 से सुभाष सिंगी का नाम माहेश्वरी समाज ने बढ़ाया है। इस विधानसभा से अशोक लाहोटी का टिकट काटने से समाज नाराज है। पार्टी इसे दूर करना चाहती है। सुभाष सिंगी क्यों? शहर में बड़ा व्यापारिक नाम है। भाजपा के कई प्रकोष्ठों की जिम्मेदारी निभा चुके हैं। संघ से जुड़े हुए हैं। 25 में से 21 वैश्य जीते, वैश्य महापौर की मांग चुनाव में वैश्य समाज के 25 प्रत्याशियों में से 21 की जीत के बाद समाज ने वैश्य महापौर की मांग उठाई है। अंतरराष्ट्रीय वैश्य फेडरेशन का प्रतिनिधिमंडल राज्य प्रभारी ध्रुवदास अग्रवाल के नेतृत्व में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ से मिला। प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश महामंत्री गोपाल गुप्ता, कार्यकारी अध्यक्ष सुरेश पाटोदिया, महिला अध्यक्ष चारू गुप्ता व अशोक पांड्या शामिल रहे। प्रतिनिधिमंडल ने समाज को 25 टिकट दिए जाने पर मदन राठौड़ का आभार जताया। अग्रवाल ने बताया कि वैश्य प्रत्याशियों के जीत का प्रतिशत 84 रहा है। मेयर के साथ दो डिप्टी मेयर से सामाजिक संतुलन भाजपा राज्य की तरह दो डिप्टी मेयर के पद पर ओबीसी और राजपूत चेहरे को आगे लाकर सामाजिक संतुलन बनाने का फार्मूला भी ला सकती है। इस तरह भाजपा के सामने मेयर चयन का पूरा गणित अब परकोटा बनाम बाहरी जयपुर, वैश्य बनाम अन्य सामाजिक समीकरण, स्थानीय बनाम सर्व स्वीकार्य चेहरा और विधायक बनाम संगठन के बीच घूम रहा है। विधायकों को चिंता- नया ‘प्रतिद्वंद्वी’ न बन जाए: मेयर चयन को लेकर एक दिलचस्प पहलू यह भी है कि भाजपा के कई विधायक नहीं चाहते कि उनके विधानसभा क्षेत्र का पार्षद महापौर बने। इसका कारण दो साल बाद होने वाले विधानसभा चुनाव है। इस दौरान कद बढ़ने से महापौर भी विधायक टिकट का स्वाभाविक दावेदार बन सकता है।

हिसार-कुलदीप बिश्नोई की AUDI कार बूड़िया ने कब्जाई:₹99 लाख कीमत, 0001 वीवीआईपी नंबर, कॉफी भी बना सकते; बिश्नोई महासभा के प्रधान ने कबाड़ में रखी

हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी भजनलाल के बेटे व पूर्व सांसद कुलदीप बिश्नोई की ऑडी कार इन दिनों कबाड़ में खड़ी-खड़ी खराब हो रही है। इसका कारण है कुलदीप का भारतीय बिश्नोई महासभा के प्रधान देवेंद्र बूड़िया से चल रहा विवाद। दरअसल, साल 2022 में देवेंद्र बूड़िया की कंस्ट्रक्शन कंपनी देवेंद्र कंस्ट्रक्शन के नाम से यह गाड़ी रजिस्टर्ड है। बिश्नोई महासभा के संरक्षक पद को लेकर शुरू हुए विवाद से दोनों के बीच कड़वाहट आ गई। इसी बीच बूड़िया को रेप केस में जेल जाना पड़ा। विवाद और जेल जाने से हो रही बदनामी के डर से कुलदीप बिश्नोई ने इस कार को बूड़िया के यहां वापस भिजवा दिया। तब से यह कार अनयूज्ड ही खड़ी है। खास बात यह है कि क्यू 7 सीरिज की इस कार की कीमत इंडियन मार्केट में 99 लाख से शुरू होती है। खास फीचर यह भी कि इसके अंदर कॉफी मशीन भी दी गई है। इसका नंबर भी DL2FCB0001 है, जिसे कुलदीप बिश्नोई ने स्पेशल रजिस्टर्ड करवाया था। बूड़िया को कार लौटाने के बाद कुलदीप ने अपनी कार का नंबर वापस मांगा, जिस अभी तक वापस नहीं किया गया है। बता दें कि कुलदीप बिश्नोई के पास कई लग्जरी गाड़ियां हैं, जिसमें से ऑडी उनकी पसंद की गाड़ी है। हालांकि, बूड़िया को गाड़ी देने के बाद उन्होंने 2025 में DL9CW0001 गाड़ी खरीद ली है। वे विवाद, जिनके कारण कुलदीप को अपनी ओडी कार छोड़नी पड़ी… बिश्नोई महासभा के संरक्षक पद से जुड़ा पुराना विवाद दरअसल, अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा के पूर्व संरक्षक कुलदीप बिश्नोई और मौजूदा प्रधान देवेंद्र बूड़िया के बीच वर्चस्व की लड़ाई चल रही है। कुलदीप बिश्नोई पर करीब दो साल पहले बूड़िया ने जबरन इस्तीफा लेने के आरोप लगाए थे। इसको लेकर मुकाम धाम में बैठक की गई थी। इसमें बूड़िया ने कुलदीप बिश्नोई को संरक्षक पद से हटाने की सिफारिश की थी। इसके करीब एक महीने बाद कुलदीप बिश्नोई के समर्थन में बिश्नोई महासभा के 14 पदाधिकारियों ने रजिस्ट्रार सोसाइटी को एफिडेविट लिखकर कहा था कि मुकाम में बैठक में उनको शामिल नहीं किया। ऐसे में प्रधान ने संरक्षक को हटाया है, वह नियमानुसार नहीं है। इसके बाद रजिस्ट्रार सोसाइटी की ओर से देवेंद्र बूड़िया को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था। बाद में कुलदीप बिश्नोई ने खुद संरक्षक पद छोड़ने की घोषणा कर दी थी। विवाद के बाद बूड़िया रेप केस में फंसे इस विवाद के बाद हिसार की युवती ने अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष देवेंद्र बुड़िया पर रेप के आरोप लगाए थे। आरोपों के बाद पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी की कोशिश शुरू कर दी। इसके लिए आदमपुर पुलिस की एक टीम राजस्थान के जोधपुर गई। इसी बीच बूड़िया ने हिसार सेशन कोर्ट, हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका लगाई, मगर वह खारिज हो गई। इसके बाद बूड़िया को हिसार पुलिस ने जोधपुर से गिरफ्तार किया। कोर्ट में ट्रायल चला और बूड़िया को जमानत मिल गई। हालांकि, बूड़िया के वकील पवन रापड़िया का कहना है कि बूड़िया पर लगाए गए आरोपी पूरी तरह से झूठे हैं। 1912 पन्नों की चार्जशीट और 45 गवाह बनाए गए अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा के पूर्व प्रधान देवेंद्र बूड़िया के खिलाफ हिसार कोर्ट में 26 अगस्त को चार्जशीट दायर की गई थी। पुलिस ने 1912 पन्नों की चार्जशीट कोर्ट में जमा करवाई और इसमें 45 गवाह बनाए थे। पुलिस ने चार्जशीट में दावा किया था कि देवेंद्र बूड़िया के खिलाफ उनके पास पर्याप्त सबूत हैं। चंडीगढ़ में जिस होटल में युवती से रेप हुआ, वहां की सीसीटीवी फुटेज से जुड़ी रिपोर्ट भी है। वहीं, जयपुर के फ्लैट में भी घटना वाले दिन युवती के साथ बूड़िया मौजूद थे। पुलिस ने कहा है कि सभी के साक्ष्य चार्जशीट में लगाए गए हैं। इतना ही नहीं युवती और देवेंद्र बूड़िया के मोबाइल फोन का डेटा भी पुलिस के पास है। युवती ने जो बातें पुलिस को बताई थीं, उसी के अनुसार पुलिस ने जांच के बाद यह चार्जशीट तैयार की थी। 24 जनवरी को दर्ज हुआ था रेप केस देवेंद्र बूड़िया पर 24 जनवरी 2025 को हिसार के आदमपुर थाने में 20 वर्षीय युवती ने रेप केस दर्ज करवाया था। इसके बाद जून 2025 में राजस्थान के जोधपुर से हिसार पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया। हालांकि, तब बूड़िया के वकील पवन रापड़िया ने कहा था कि बूड़िया ने जांच में सहयोग के लिए सरेंडर किया है। इसके बाद हरियाणा के हिसार लाते समय बूड़िया की रास्ते में तबीयत खराब हो गई। देवेंद्र बूड़िया अग्रिम जमानत के लिए निचली अदालत से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक गए, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिली। इससे पहले पुलिस बूड़िया के पीए कल्पेश से भी पुलिस पूछताछ कर चुकी है। क्या खास है कुल्दीप बिश्नोई की ऑडी कार में, देखें इन्फोग्राफिक्स ------------------------ ये खबर भी पढ़ें… ऑडी Q7 का सिग्नेचर एडिशन 99.81 लाख रुपए में लॉन्च:गाड़ी में कॉफी बनाने का एस्प्रेसो मोबाइल सिस्टम, 20-इंच के अलॉय व्हील्स जर्मन लग्जरी कार निर्माता ऑडी ने आज यानी, 23 जून को भारत में अपनी फ्लैगशिप SUV, ऑडी Q7 का सिग्नेचर एडिशन लॉन्च कर दिया। इसे 99.81 लाख रुपए की शुरुआती कीमत में लॉन्च किया गया है। इस SUV में कॉफी बनाने का एस्प्रेसो मोबाइल सिस्टम दिया गया है। (पूरी खबर पढ़ें)

निम्बाहेड़ा में मारपीट के बाद राजनीतिक विवाद गरमाया:पूर्व मंत्री उदयलाल आंजना ने थाने में जताया विरोध, डिप्टी ने समझाकर मामला शांत किया

निम्बाहेड़ा नगर परिषद चुनाव के नतीजों के बाद इलाके में शुरू हुआ राजनीतिक विवाद बुधवार को पुलिस थाने तक पहुंच गया। 11 सितंबर को मतदान के बाद एक व्यक्ति के साथ मारपीट के मामले में पुलिस ने 16 सितंबर को कुछ आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही पूर्व सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ कोतवाली थाने पहुंच गए और पुलिस कार्रवाई का विरोध किया। करीब 3 घंटे तनातनी के बाद डीएसपी शिवप्रकाश टेलर की समझाइश से मामला शांत हुआ। पुलिस उपाधीक्षक शिवप्रकाश टेलर ने कहा कि मामले की जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी है। इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस निगरानी कर रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद थाने पहुंचे आंजना मारपीट के मामले में कुछ लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी मिलने के बाद पूर्व मंत्री उदयलाल आंजना कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ कोतवाली थाने पहुंचे। उन्होंने पुलिस कार्रवाई पर नाराजगी जताई और गिरफ्तार किए गए लोगों को तत्काल रिहा करने की मांग की। थाने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के पहुंचने से माहौल गरमा गया। पुलिस प्रशासन की कार्रवाई को लेकर पूर्व मंत्री और कार्यकर्ताओं ने अधिकारियों के सामने अपनी आपत्ति दर्ज कराई। डिप्टी ने जांच और कानूनी प्रक्रिया का दिया भरोसा मामले की जानकारी मिलने पर पुलिस उपाधीक्षक शिवप्रकाश टेलर ने हस्तक्षेप किया। उन्होंने पूर्व मंत्री उदयलाल आंजना और कांग्रेस कार्यकर्ताओं से बातचीत की। डिप्टी ने भरोसा दिलाया कि पूरे मामले की नियमानुसार जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी और जल्द ही मामले का निस्तारण किया जाएगा। आश्वासन के बाद थाने से लौटे पूर्व मंत्री पुलिस प्रशासन की ओर से जांच और कानूनी प्रक्रिया को लेकर आश्वासन मिलने के बाद पूर्व मंत्री और कांग्रेस कार्यकर्ताओं का विरोध शांत हुआ। इसके बाद वे कोतवाली थाने से चले गए। पुलिस की ओर से फिलहाल इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए निगरानी रखी जा रही है। मामले में पुलिस की जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। वार्ड 19 के विवाद से जुड़ा है मामला यह पूरा घटनाक्रम 11 सितंबर को नगर परिषद चुनाव के मतदान के बाद वार्ड 19 में हुए विवाद से जुड़ा है। पुलिस ने 16 सितंबर को मामले से जुड़े कुछ लोगों को पूछताछ के लिए थाने बुलाया था। बाद में शांतिभंग के तहत कार्रवाई के लिए उन्हें उपखंड कार्यालय ले जाया गया, लेकिन उन्हें बीच रास्ते से वापस थाने लाया गया।

खैरथल-तिजारा जिले में अध्यक्ष पद के लिए 22 नामांकन दाखिल:भाजपा-कांग्रेस के साथ 6 निर्दलीय भी मैदान में, खैरथल में 5 दावेदार

खैरथल-तिजारा जिले की 3 नगर परिषद और 4 नगर पालिकाओं में अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए कुल 22 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किए हैं। इनमें भाजपा के 9, कांग्रेस के 7 और 6 निर्दलीय उम्मीदवार शामिल हैं। नामांकन पत्रों की सूची जारी होने के बाद अब चुनावी तस्वीर सामने आने लगी है। अध्यक्ष पद के लिए सबसे ज्यादा नामांकन खैरथल नगर परिषद में 5 और टपूकड़ा नगर पालिका में 4 हुए हैं। इसके बाद तिजारा, भिवाड़ी और किशनगढ़बास में 3-3, जबकि मुंडावर में 2 और कोटकासिम में एक उम्मीदवार ने पर्चा दाखिल किया है। अध्यक्ष पद के नामांकन का निकायवार गणित खैरथल में 5 उम्मीदवारों ने भरे पर्चे खैरथल नगर परिषद में अध्यक्ष पद के लिए 5 नामांकन दाखिल हुए हैं। भाजपा से विक्रम सिंह और कांग्रेस से ओमप्रकाश रोघा उम्मीदवार हैं। वहीं सर्वेश कुमार, सुमित रोघा और नवल सिंह ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नामांकन दाखिल किया है। तिजारा में भाजपा के दो, कांग्रेस का एक नामांकन तिजारा में अध्यक्ष पद के लिए 3 उम्मीदवार मैदान में हैं। कांग्रेस की ओर से रामावतार सैनी ने नामांकन दाखिल किया है। भाजपा से रेखा देवी और सुभाष चंद सैनी ने पर्चा भरा है। भिवाड़ी नगर परिषद में भाजपा से गुंजन खटाना, कांग्रेस से गजराज तंवर और निर्दलीय के तौर पर शीशराम तंवर ने नामांकन दाखिल किया है। जारी सूची में शीशराम तंवर का नाम भाजपा की श्रेणी में भी दर्ज है। किशनगढ़बास में भाजपा-कांग्रेस के साथ निर्दलीय उम्मीदवार किशनगढ़बास में अध्यक्ष पद के लिए 3 नामांकन हुए हैं। भाजपा से विश्वास यादव, कांग्रेस से भारती और निर्दलीय के तौर पर सुल्तान ने पर्चा दाखिल किया है। टपूकड़ा में 4 नामांकन टपूकड़ा नगर पालिका में अध्यक्ष पद के लिए 4 नामांकन दाखिल किए गए हैं। रघुवीर सिंह तंवर ने कांग्रेस और निर्दलीय दोनों श्रेणियों में नामांकन किया है। इनके अलावा कांग्रेस से धीरज कुमार और भाजपा से बलवंत सिंह ने पर्चा भरा है। कोटकासिम में भाजपा की रेखा सैनी ने भरा नामांकन कोटकासिम नगर पालिका में अध्यक्ष पद के लिए भाजपा से रेखा सैनी ने नामांकन दाखिल किया है। यहां कुल एक नामांकन हुआ है। मुंडावर में भाजपा और कांग्रेस के उम्मीदवार मुंडावर नगर पालिका में अध्यक्ष पद के लिए दो नामांकन दाखिल हुए हैं। कांग्रेस से मनीषा बाई गुर्जर और भाजपा से महेंद्र सिंह ने पर्चा भरा है। अब नामांकन पत्रों की होगी जांच नामांकन दाखिल होने के बाद अब नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी की प्रक्रिया होगी। इसके बाद मैदान में बचे उम्मीदवारों की स्थिति स्पष्ट होगी। इसी के साथ संबंधित निकायों में अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर पार्षदों के समर्थन और सियासी समीकरण भी साफ होंगे। खैरथल नगर परिषद के विजेता

पोकरण में पुलिस पर युवक से मारपीट का आरोप:नकली नोट के शक में सुबह से शाम तक थाने में बैठाया, रात में भीड़ ने किया प्रदर्शन

पोकरण कस्बे में बुधवार रात पुलिस थाने के बाहर उस समय हंगामा हो गया, जब बड़ी संख्या में लोग एक युवक से पुलिस द्वारा मारपीट किए जाने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन करने लगे। लोगों ने पुलिस की कार्रवाई पर नाराजगी जताई और संबंधित पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। देर रात तक थाने के बाहर धरना और विरोध प्रदर्शन चलता रहा। पेट्रोल पंप पर 500 का नोट देने के बाद शुरू हुआ विवाद बागवानों का वास निवासी 22 वर्षीय श्रवण पुत्र कोजाराम माली इलेक्ट्रिशियन का काम करता है। वह बुधवार सुबह सांकड़ा गांव जा रहा था। रास्ते में सांकड़ा फांटा के पास स्थित जुबली पेट्रोल पंप पर उसने बाइक में पेट्रोल भरवाया। इसके बाद उसने भुगतान के लिए 500 रुपए का नोट दिया। पेट्रोल पंप कर्मचारी ने नोट को नकली बताया और इसकी सूचना पुलिस को दी। श्रवण के मुताबिक, उसने पेट्रोल के पैसे ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए थे। इसके बावजूद मौके पर पहुंची पुलिस उसे अपने साथ थाने ले गई। युवक ने पुलिस पर मारपीट का लगाया आरोप श्रवण के अनुसार, पुलिस ने उसे शाम करीब 6 बजे थाने से छोड़ा। थाने से बाहर निकलने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसका इलाज कराया गया। घटना की जानकारी मिलने के बाद बड़ी संख्या में लोग अस्पताल पहुंच गए। युवक के साथ कथित मारपीट को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ गई। इसके बाद लोग पोकरण पुलिस थाने के बाहर जमा होने लगे और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। थाने के बाहर धरने पर बैठे लोग प्रदर्शन कर रहे लोगों ने संबंधित पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पुलिसकर्मियों ने भीड़ को समझाने का प्रयास किया, लेकिन लोग नहीं माने। इसके बाद भीड़ ने थाने के बाहर धरना शुरू कर दिया। रात करीब 8:30 बजे प्रदर्शनकारी युवक को अस्पताल से लेकर पोकरण पुलिस थाने पहुंचे। उसे थाने के सामने बैठा दिया गया। इसके बाद पुलिस और प्रदर्शन कर रहे लोगों के बीच तनाव की स्थिति बन गई। रात 9 बजे पुलिस ने भीड़ को खदेड़ा बुधवार शाम करीब 7 बजे शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन रात करीब 9 बजे अचानक तेज हो गया। इसके बाद पुलिस ने थाने के बाहर मौजूद भीड़ को खदेड़ दिया। युवक के परिजन उसे जबरदस्ती गाड़ी में बैठाकर वापस अस्पताल ले गए। रात करीब 9:10 बजे तक पुलिस थाने के बाहर धरना और विरोध प्रदर्शन जारी रहा। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मौके पर मौजूद रहे।

स्मैक, हथियार, कैश के साथ 6 आरोपी गिरफ्तार:27 हजार 700 रुपए भी जब्त; नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिस

टोंक जिले में अवैध नशे और हथियारों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। एसपी रोशन मीणा के निर्देशन में जिला स्पेशल टीम (DST) ने नासिरदा थाना क्षेत्र में 6 अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं एक नामजद आरोपी समेत 7 के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपियों से करीब 13.30 ग्राम अवैध स्मैक, 10 लीटर हथकड़ शराब, 51 पव्वे देशी शराब, 2 धारदार चाकू, 27 हजार 700 रुपए, इलेक्ट्रॉनिक कांटा और मोबाइल फोन जब्त किया है। बरामद स्मैक की अनुमानित कीमत करीब 2.60 लाख रुपए है। DST प्रभारी ओमप्रकाश चौधरी ने बताया कि रामसिंह को 8 ग्राम स्मैक और 51 पव्वे देशी शराब के साथ गिरफ्तार किया गया। वहीं एक महिला तस्कर को 5.30 ग्राम स्मैक, इलेक्ट्रॉनिक कांटा, 700 रुपए और मोबाइल के साथ पकड़ा गया। इसी तरह संदीप सांसी को धारदार चाकू और 27 हजार रुपए, जबकि अनिल सांसी को एक अवैध चाकू के साथ गिरफ्तार किया गया। दौलतराम सांसी और बाबूनाथ को 5-5 लीटर अवैध हथकड़ शराब के साथ पकड़ा गया। एक अन्य नामजद आरोपी संजय सांसी के खिलाफ मामला दर्ज कर पुलिस उसकी तलाश कर रही है। सप्लाई नेटवर्क खंगाल रही पुलिस पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। पूछताछ के जरिए स्मैक की सप्लाई लाइन, नशीले पदार्थों के मुख्य सरगनाओं और अवैध हथियारों के सप्लायर तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।

दावड़ा को पार्टी सिंबल मिलते ही मूंदड़ा-मय्यर विरोध में उतरे:श्रीगंगानगर में सभापति की कुर्सी को लेकर घमासान; जानें- दावेदारों की प्रोफाइल

श्रीगंगानगर नगर परिषद में सभापति की कुर्सी को लेकर भाजपा के भीतर ही घमासान शुरू हो गया है। भाजपा ने पूर्व उपसभापति अजय दावड़ा को सिंबल देकर अधिकृत प्रत्याशी बनाया है, लेकिन दावेदारी कर रहे संजय मूंदड़ा और डॉ. भरतपाल मय्यर खुलकर विरोध में उतर आए हैं। बुधवार को भाजपा से दावड़ा, मूंदड़ा और गौरव मित्तल और कांग्रेस से अनूप सिंह बाजवा ने नामांकन दाखिल किया। 65 पार्षदों के बोर्ड में बहुमत का आंकड़ा 33 है। भाजपा के पास 30, कांग्रेस के 17 और निर्दलीय 18 पार्षद हैं। यानी भाजपा को अपनी कुर्सी बचाने के लिए कम से कम तीन अतिरिक्त वोट जुटाने होंगे। यही वजह है कि निर्दलीय पार्षदों पर दोनों दलों की नजर है। दावड़ा को सिंबल मिलने के बाद मूंदड़ा और मय्यर ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पार्टी नेतृत्व के फैसले पर सवाल उठाए। मूंदड़ा ने अपने समर्थन में बड़ी संख्या में पार्षद होने का दावा किया, जबकि मय्यर ने आरोप लगाया कि पार्षदों से राय लिए बिना प्रत्याशी तय किया गया। उधर, विधायक जयदीप बिहाणी ने कहा कि दावड़ा के नाम पर जयपुर में विचार-विमर्श के बाद फैसला हुआ है और भाजपा के पास पर्याप्त समर्थन है। अब मुकाबला सिर्फ भाजपा-कांग्रेस प्रत्याशियों के बीच नहीं, बल्कि निर्दलीयों और भाजपा के असंतुष्ट खेमे के रुख पर भी टिका है। 21 सितंबर को मतदान के बाद ही सभापति कौन बनेगा, इसकी तस्वीर साफ हो पाएगी। अब पढ़िए- सभापति पद के दावेदारों के प्रोफाइल और राजनीतिक समीकरण पूर्व उपसभापति रहे चुके अजय दावड़ा अजय दावड़ा भाजपा के स्थानीय नेताओं में शामिल रहे हैं और नगर परिषद के पूर्व उपसभापति रह चुके हैं। 2026 के चुनाव में वे वार्ड 58 से भाजपा प्रत्याशी निर्वाचित हुए। इस बार उन्हें 1,169 वोट मिले और वे 504 वोटों के अंतर से जीते। दावड़ा की पत्नी भी पार्षद रह चुकी है। आढ़त कारोबारी संजय मूंदड़ा भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में शामिल संजय मूंदड़ा भाजपा से जुड़े वरिष्ठ नेता हैं। मूंदड़ा आढ़तियां हैं और सभापति पद की दावेदारी में उनका नाम चुनाव परिणाम आने के बाद से प्रमुखता से सामने आया था। वार्ड 55 से मूंदड़ा ने चुनाव जीता है। मूंदड़ा ने पार्टी सिंबल नहीं मिलने के बावजूद सभापति पद के लिए अपनी दावेदारी कायम रखी है। सीनियर डॉक्टर डॉ. भरतपाल मय्यर भी दावेदारों में शामिल डॉ. भरतपाल मय्यर भाजपा के पार्षद हैं और वार्ड 21 से निर्वाचित हुए हैं। उन्हें 790 वोट मिले और उन्होंने 454 वोट के अंतर से जीत दर्ज की। मय्यर शहर में सीनियर डॉक्टर के रूप में विशेष पहचान रखते हैं और शहर में उनकी छवि भी अच्छी है। सभापति पद के लिए टिकट वितरण में उनका नाम भी चर्चा में था। अब वे अजय दावड़ा को भाजपा का अधिकृत प्रत्याशी बनाए जाने के फैसले का विरोध कर रहे हैं। श्रीगंगानगर निकाय चुनाव से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… श्रीगंगानगर में 65 वार्डों के नतीजे घोषित:बीजेपी 30, कांग्रेस 17 और 18 निर्दलीय ने जीत दर्ज कराई श्रीगंगानगर नगर परिषद के 65 वार्डों के नतीजे सामने आने के बाद अब बोर्ड गठन की तस्वीर भी लगभग साफ हो गई है। भाजपा 30 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, जबकि कांग्रेस को 17 और निर्दलीयों को 18 वार्डों में जीत मिली है। पूरी खबर पढ़िए

युवती ने बॉयफ्रेंड संग मिलकर लूटे 41.70 लाख रुपए, गिरफ्तार:लड़की ने ही की थी बैंक कर्मचारियों की रेकी, किराए के कमरे से 26.80 लाख रुपए बरामद

जयपुर में ATM में कैश डालने गए बैंक कर्मचारियों से 41.70 लाख रुपए की लूट का पुलिस ने 48 घंटे में खुलासा कर दिया। पुलिस ने बुधवार को युवती को अरेस्ट किया। युवती ने बॉयफ्रेंड और उसके साथियों के साथ मिलकर लूट की वारदात को अंजाम दिया। मामले में पुलिस बैंक कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच कर रही है। डीसीपी ईस्ट रंजिता शर्मा ने बताया- युवती अंशु कुमारी जाटव (22) को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी अंशु कुमारी की निशानदेही पर लूटे गए रुपए में से 26.80 लाख रुपए उसके किराए के कमरे बजरंग दीप प्रथम श्रीकृष्णपुरा रामनगरिया से बरामद किए गए हैं। वारदात में शामिल अंशु कुमारी का बॉयफ्रेंड मासलपुर करौली निवासी मस्तराम मीणा, उसके दो साथी पुष्पेंद्र मीणा उर्फ पुस्सी और सुमित जांगम फरार चल रहे हैं। डीसीपी ईस्ट ने बताया- 14 सितंबर को सुबह करीब 10:30 बजे बैंक कर्मचारी अक्षयपात्र के पास बैंक ऑफ इंडिया के ATM में कैश डालने के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान दो बदमाशों ने हथियार की नोक पर उनसे करीब 41.70 लाख रुपए कैश से भरा बैग लूट लिया था। एक अन्य व्यक्ति कार लेकर कुछ दूरी पर खड़ा था। लूट के बाद बाइक सवार बदमाशों ने कैश कार में शिफ्ट कर दिया, ताकि पुलिस की नाकाबंदी को चकमा दिया जा सके। बॉयफ्रेंड ने बताई थी ATM की कमजोर सुरक्षा व्यवस्था मस्तराम ने युवती को बताया था कि अक्षयपात्र के पास बैंक ऑफ इंडिया का ATM है। उसके मुताबिक वहां नियमित रूप से कैश निकाला जाता है और कैश लेने के दौरान अक्सर एक महिला कर्मचारी के साथ एक पुरुष होता है। ATM की रेकी के बाद बनाई थी लूट की साजिश पुलिस के मुताबिक- बैंक अधिकारियों से जानकारी मिली कि ATM से कैश निकालने का समय निश्चित नहीं था। पिछले तीन दिन की छुट्टियों के बाद ATM में बड़ी रकम जमा थी। इसी आधार पर पुलिस ने रेकी के एंगल को भी जांच में शामिल किया। जांच के दौरान ATM के आसपास संदिग्ध तरीके से घूमती एक युवती पुलिस के रडार पर आई। पुलिस ने युवती की गतिविधियों पर नजर रखी और उसके बारे में जानकारी जुटाई। वारदात के दिन युवती ने दी थी कैश पहुंचने की सूचना बैंक कर्मचारी जब 14 सितंबर को सुबह करीब 10:30 बजे ATM पर पहुंचे तो युवती ने तुरंत साथियों को इसकी सूचना दी और वहां से निकल गई। इसके बाद दो बदमाशों ने बैंक कर्मचारियों से हथियार की नोक पर कैश लूट लिया। पुलिस के अनुसार- लूट के बाद पैसे को बाइक से एक कार में शिफ्ट किया गया। इसके बाद कैश को दो हिस्सों में बांटा गया। एक हिस्सा आरोपी युवती के किराए के कमरे में रखे सूटकेस में छिपा दिया गया, जबकि बाकी रुपए लेकर आरोपी फरार हो गए। पुलिस को गुमराह करने के लिए आरोपियों ने कपड़े भी बदले। कमरे से 26.80 लाख रुपए बरामद DST टीम ने युवती अंशु कुमारी के संदिग्ध पाए जाने के बाद किराए के मकान में पहुंचकर पूछताछ की। पूछताछ में युवती ने वारदात से जुड़े राज खोल दिए। उसकी सूचना पर पुलिस ने कमरे की तलाशी ली, जहां सूटकेस से लूट के 26.80 लाख रुपए बरामद कर लिए गए। अंशु कुमारी एक प्राइवेट कंपनी में काम करती है। बैंक कर्मचारी की भूमिका भी जांच के घेरे में पुलिस जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि आरोपी आपस में एक बैंक कर्मचारी का नाम ले रहे थे। ऐसे में पुलिस वारदात में किसी बैंक कर्मचारी की संभावित भूमिका की भी जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगा रही है कि आरोपियों को ATM में कैश आने और बैंक कर्मचारियों की गतिविधियों से जुड़ी जानकारी कहां से मिली। यह खबर भी पढ़ें... जयपुर में बैंक ATM पर पिस्तौल दिखाकर 42 लाख लूटे,VIDEO:कर्मचारियों ने डिपोजिट मशीन से निकाला था कैश, बैग छीनकर फरार हो गए बदमाश जयपुर में अक्षयपात्र चौराहे के पास बैंक ऑफ इंडिया के ATM बूथ पर 42 लाख रुपए की लूट हो गई। बैंककर्मी एटीएम बूथ में लगी डिपोजिट मशीन से रुपए निकालने आए थे। इस दौरान बाइक सवार दो बदमाश हेलमेट लगाकर आए और पिस्तौल दिखाकर रुपए से भरा बैग छीनकर फरार हो गए। घटना सोमवार सुबह करीब 10:41 बजे की है। (पूरी खबर पढ़ें)

मेयर का नाम तय करने में RSS-केंद्रीय मंत्री की चली:अलवर में तीन दावेदारों में से सुमन बनीं मेयर प्रत्याशी; जानें-अजमेर में किरण को क्यों बनाया प्रत्याशी

राजस्थान में तीन नगर निगम उदयपुर, अजमेर और अलवर में भाजपा-कांग्रेस ने प्रत्याशी मैदान में उतार दिए हैं। उदयपुर में भाजपा को बहुमत मिला था और अलवर में सबसे बड़ी पार्टी बनी थी। वहीं कांग्रेस अजमेर में सबसे बड़ी पार्टी थी। ऐसे में दोनों ही पार्टियों में प्रत्याशियों के चयन को लेकर मंथन का दौर चला और आखिर में नाम का ऐलान हुआ। भाजपा-कांग्रेस की ओर से मेयर के लिए मैदान में उतारे गए प्रत्याशियों का राजनीतिक बैक ग्राउंड, किस नेता के करीबी है, कैसे उनके नाम पर मुहर लगी। पढ़ें पूरी रिपोर्ट… उदयपुर: संघ की पसंद, पार्षदों से वन-टू-वन का सिंघवी को मिला लाभ उदयपुर में मेयर पद के लिए दिनेश भट्ट और प्रमोद सामर का नाम चल रहा था। वहीं पारस सिंघवी तीसरे नंबर पर थे, लेकिन सामर और भट्ट के नाम पर पार्षदों की सहमति नहीं मिलने से पार्टी ने ऐनवक्त पर सिंघवी को चुना। वहीं RSS की पहली पसंद, निगम में पिछली बार डिप्टी मेयर का उनका अनुभव, बाड़ाबंदी में 50 पार्षदों से वन-टू-वन का सिंघवी को लाभ मिला। सिंघवी ने 52 पार्षदों में से सिर्फ प्रमोद सामर और दिनेश भट्ट से समर्थन नहीं मांगा था। वहीं कांग्रेस से पूनम कुंवर ने मेयर पद के लिए नामांकन किया। पूनम उदयपुर में शहर जिलाध्यक्ष फतेहसिंह राठौड़ की पत्नी हैं। हालांकि कांग्रेस के पास उदयपुर में मेयर पद के लिए पर्याप्त संख्याबल नहीं है। पूरी खबर पढ़ें अलवर: भाजपा में तीन दावेदार.. भूपेंद्र यादव से सुमनलता पर सहमति, कांग्रेस में जूली की पसंद अलवर में बीजेपी प्रत्याशी सुमनलता अग्रवाल के नाम पर केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के कारण आखिरी समय में मुहर लगने की चर्चा है। मेयर पद के तीन दावेदार नेहा मनचंदा, अपूर्वा शर्मा और सुमनलता अग्रवाल को दिल्ली में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के घर पर बुधवार सुबह 6 बजे ले जाया गया। संगठन के नेताओं के साथ चर्चा के बाद यहां प्रत्याशी का नाम तय हुआ। इसके बाद पार्षद नेहा मनचंदा और अपूर्वा शर्मा को उत्तराकाशी में वापस बाड़ेबंदी में भेज दिया गया। वहीं अलवर में केवल सुमनलता अग्रवाल को लेकर आया गया। केंद्रीय मंत्री के घर पर दोपहर बाद सुमन के पति अजय अग्रवाल के परिवार के साथ वन राज्य मंत्री संजय शर्मा पहुंचे। अजय अग्रवाल बीजेपी से नगर परिषद के चेयरमैन रह चुके हैं। कांग्रेस की मेयर प्रत्याशी कमलेश शर्मा के चयन के पीछे नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली का गणित माना जा रहा है। जूली जीतने वाले पार्षदों को अपने पक्ष में लाने के लिए रात-रातभर घूमे। पूरी खबर पढ़ें अजमेर: कांग्रेस में दो पर सहमति नहीं हुई तो किरण गढ़वाल का नाम फाइनल अजमेर नगर निगम में भाजपा ने बुधवार सुबह 6 बजे अनामिका शर्मा को प्रत्याशी बनाने का निर्णय ले लिया था। भाजपा प्रत्याशी अनामिका शर्मा पहली बार पार्षद बनी हैं। परिवार में आज तक किसी ने चुनाव नहीं लड़ा। राजनीति में नया चेहरा है। हालांकि ससुर सीताराम शर्मा विधानसभा स्पीकर वासुदेव देवनानी के करीबी हैं। भाजपा ने मंगलवार रात को जीते हुए 32 पार्षदों से रायशुमारी की थी और तीन-तीन नाम मांगे थे। इसमें नलिनी शर्मा, मोनिका जैन सहित अन्य के नाम थे। बाद में प्रदेश स्तर से अनामिका शर्मा के नाम पर मुहर लगी। कांग्रेस ने भी जीते हुए सभी 37 पार्षदों से रायशुमारी की। हालांकि किसी एक नाम पर सहमति नहीं बन पाई। रश्मि हिंगोरानी और रश्मि शर्मा के नाम पर भी एक मत नहीं हुए। इसके बाद कांग्रेस ने सभी नाम प्रदेश स्तर पर भेजे और आखिरकार किरण गढ़वाल के नाम पर मुहर लगी। किरण गढ़वाल भी राजनीति में नई है। किरण के पति दिलीप गढ़वाल ब्लॉक उपाध्यक्ष हैं। पूरी खबर पढ़ें ………. ये खबरें भी पढ़ें... 1. पूर्व मंत्री के भतीजे को मेयर उम्मीदवार बनाने पर बगावत:विधायक के भाई को पीटा, 4 निगमों में निर्दलीयों की मान-मनोव्वल; 5 जगह भाजपा की निर्विरोध जीत तय 2. कांग्रेस की बाड़ाबंदी में पहुंचे 50 से ज्यादा पुलिसकर्मी:होटल के कमरे खुलवाकर तलाशी ली; विधायक बोलीं- भाजपा के दबाव में पार्षदों को उठाने की कोशिश